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Ambala News: ग्रामीण क्षेत्र बिगाड़ सकते हैं समीकरण, कई वार्डों में बंपर मतदान

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अंबाला। मेयर चुनाव के दौरान सुबह आठ बजे जिला मस्त्य अ​धि​कारी कार्यालय में बने मतदान केंद्र में
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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव में रविवार को 54.4 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के आंकड़े को देखें तो शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण मतदाताओं ने मतदान में अधिक रुचि दिखाई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई वार्डों में 60 से 87 प्रतिशत तक मतदान हुआ है।
वार्ड 1, वार्ड 2, वार्ड 15, वार्ड 16 व वार्ड 20 में कई गांव आते हैं। औसतन ग्रामीण क्षेत्रों में 67.4 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं शहरी क्षेत्र में 52 प्रतिशत औसतन मतदान हुआ है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं का मत शहर की सरकार बनाने में अहम रोल निभाएगा।
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दो प्रतिशत कम रहा नगर निगम क्षेत्र का मतदान
अंबाला सिटी के पिछले दो नगर निगम चुनावों में 56 प्रतिशत से अधिक मतदान नहीं हुआ है। वर्ष 2013 में अंबाला सिटी नगर निगम का पहला चुनाव हुआ। तब कांग्रेस के रमेश मल मेयर बने थे। उस समय 67 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसके बाद से मतदान प्रतिशत लगातार कम हो रहा है। इसके बाद दिसंबर 2020 में मेयर सहित सभी वार्डों में सदस्यों के चुनाव हुए थे। तब हरियाणा जन चेतना पार्टी से पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित विनोद शर्मा की पत्नी और मौजूदा समय में कालका से विधायक शक्तिरानी शर्मा मैदान में थी। उनके चुनाव में उतरने से मेयर पद हॉट सीट बन गया था। उस समय 56 प्रतिशत ही वोट पड़े थे। इसमें भी शहरी क्षेत्र से 54.5 प्रतिशत वोट डाले गए थे।
वहीं इसके बाद पिछले साल फरवरी में मेयर पद पर उप चुनाव हुआ। इसमें भाजपा से शैलजा संदीप सचदेवा और कांग्रेस ने अमीषा चावला काे मैदान में उतारा था। तब शहर में सिर्फ 31.9 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि इस बार 54.4 प्रतिशत ही मतदान हुआ है, जोकि मेयर उप चुनाव से ताे अधिक है मगर वर्ष 2020 में मेयर और वार्ड सदस्यों के चुनाव से दो प्रतिशत कम है।

पिछले साल के मेयर उप चुनाव में मतदाताओं के आंकड़ों में समझें तो 1 लाख 93 हजार 260 मतदाताओं में से 61 हजार 561 ने ही मताधिकार का प्रयोग किया। मतदाताओं की मतदान में रुचि न होना उस समय भारी चुनौती बन गया था। हालांकि, इसके बावजूद भाजपा ने 20487 वोटों से जीत हासिल की थी और कांग्रेस उम्मीदवार अमीषा चावला को मुकाबले में हराया था। इस बार 1 लाख 98 हजार 224 मतदाताओं में से 1 लाख 7 हजार 790 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है।




ग्रामीण क्षेत्र वोट की चोट से बदल सकते हैं समीकरण

नगर निगम क्षेत्र में कई गांव भी आते हैं। इन गांवों में विकास के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ है। एनडीसी व कार्यों के लिए ग्रामीणों को नगर निगम के चक्कर काटकर परेशान होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों ने पूर्व मेयर शक्तिरानी शर्मा के चुनाव में भी उलटफेर कर दिया था। कुल 191 बूथों में से 28 से अधिक बूथों पर ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता वोट करते हैं। उन्होंने 70 प्रतिशत से अधिक मतदान कर शक्तिरानी शर्मा को जिताने में अहम रोल निभाया था। अब ग्रामीण मतदाता भी खेल को बना व बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं।


गांवों में औसतन 87 फीसदी मतदान
इस वार्ड में डंगडेहरी, घेल कलां, देवी नगर, मानकपुर, लोहपुर व डडियाना के गांव आते हैं। इनमें औसतन मतदान 87 प्रतिशत हुआ है। वार्ड 2 में मंडौर, सद्दोपुर, काकड़ू, सुल्तानपुर आदि क्षेत्र आते हैं। यहां पर 65 प्रतिशत मतदान हुआ है। वार्ड 15 में घेलकलां, घेल खुर्द, लिहारसा, रंजीत नगर, मोती नगर आदि क्षेत्र आते हैं, यहां 70 प्रतिशत मतदान हुआ है। वार्ड 16 में सिंघावाला, नरसीपुर, दुर्गानगर आदि में 62 प्रतिशत तो वार्ड 20 में रतनगढ़, कांवला, साैंडा, जलबेड़ा रोड़ आदि क्षेत्रों में सबसे कम 53 प्रतिशत मतदान हुआ है।
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