साहा। पंचायती चुनाव के ठीक पहले ढकौला गांव की वार्ड बंदी का गड़बड़ी का मामला दूसरे दिन भी गरमाया रहा। सौ से अधिक वोटर कार्ड पर एक ही महिला की फोटो को लेकर भड़के ग्रामीण एकजुट होकर दोबारा साहा बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। ग्रामीण सुबह से दोपहर तक कार्यालय के बाहर डटे रहे। आखिर में ग्रामीणों ने कोई सुनवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का एलान कर दिया। ऐसे में बीडीपीओ हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को कमेटी बनाकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
सुबह धरनास्थल पर बैठे ग्रामीण अपने स्तर पर वार्ड बंदी को दुरुस्त करने में जुटे रहे। एक-एक वार्ड की वोटर लिस्ट को बारीकी से खंगाला। ग्रामीणों द्वारा जांच करने पर कई तरह की खामियां उजागर हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा सर्वे कराकर वार्ड बंदी कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि मिलीभगत करके गलत तरीके से वार्ड बंदी की गई है। मंगलवार को गुस्साए ग्रामीणों ने माना कि गलती से एक महिला की 100 से अधिक वोटर आईडी पर फोटो लग गई है लेकिन जिनकी 20 साल पहले मौत हो चुकी है, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल हैं। यह सरासर बड़े गड़बड़झाले की ओर इशारा कर रहा है।
गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
ढकौला निवासी प्रवीण शर्मा और हैप्पी ने कहा कि गांव की जिन लड़कियों की शादी कई साल पहले हो चुकी है, उन्हें भी वोट लिस्ट में शामिल किया गया है। वार्ड बंदी में इतनी अनियमितताएं और गड़बड़ियां हैं कि सरकार लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड दो के वोटर को सात में, वार्ड तीन के वोटर को पांच में और वार्ड चार के वोटर को छह में शामिल किया गया है। ढकौला की औसतन करीब एक हजार वोट हैं लेकिन अब तैयार की गई लिस्ट में 1480 वोट दिखाई गई हैं। उनके गांव में मात्र 15 से 20 बागड़ी रहते हैं। उनकी वोट भी मुलाना में है लेकिन यहां वोटर लिस्ट में 250 से अधिक वोट दिखाई गई हैं।