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Ambala News: आर्यकुलम इंटरनेशनल स्कूल में 1.75 करोड़ रुपये का गबन

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- अकाउंटेंट ने अपने व परिजनों के बैंक खातों में स्कूल की फीस डलवा काटी बैक डेट में रसीदें
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- स्पेशल ऑडिट से बैंक खातों में 99.25 लाख और नकद में 76.12 लाख की गड़बड़ी पकड़ी, तीन पर प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/मूनक। आर्यकुलम इंटरनेशनल स्कूल में फीस के करीब 1.75 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। आरोप है कि अकाउंटेंट मूनक निवासी दिनेश ने स्कूल की फीस को अपने, पत्नी साक्षी व भाई रविंद्र के बैंक खातों में डलवाया और बैक डेट में रसीदें काटकर फर्जीवाड़ा किया। अकाउंटेंट पर करीब चार वर्ष तक हेराफेरी का आरोप लगा है।
स्कूल की ओर से हुए स्पेशल ऑडिट से बैंक खातों में 99.25 लाख और नकद में 76.12 लाख रुपये की गड़बड़ी पकड़ में आई है। स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर मूनक थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
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पुलिस को दी शिकायत में मूनक निवासी स्कूल के महासचिव कुलदीप ने बताया कि दिनेश फरवरी 2022 से बतौर अकाउंटेंट 19 अगस्त 2026 तक कार्यरत था। स्कूल फीस लेने, फीस संबंधी अभिलेखों का रखरखाव, रसीद जारी करने और रिकार्ड रखने की जिम्मेदारी उसी की थी। 20 अगस्त को उनके पास आए एक अभिभावक ने बताया कि उन्होंने अपने दो बच्चों की फीस के 11900 रुपये दिनेश के एसबीआई खाते में 11 अगस्त को जमा कराए थे, उन्हें अभी तक रसीद नहीं मिली।
चेक करने पर बच्चों की अलग-अलग फीस रसीद 29 जुलाई की बैक डेट में कटी हुई थी। इसके बाद पूरे सत्र 2026-27 के फीस रिकार्ड को चेक किया तो पाया कि कई बार बैक डेट में रसीद कटी हैं। इसके बाद उन्होंने दिनेश से उसके एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खाते की स्टेटमेंट ली और इसकी जांच व स्पेशल ऑडिट कराया तो पता चला कि पिछले चार वर्षों से वह अपने खातों में फीस की राशि डलवाकर गबन कर रहा था। आरोप है कि पत्नी और भाई के खातों में भी रुपये ट्रांसफर हुए हैं, ऐसे में उन्हें इस धोखाधड़ी का पता था।

गबन के लिए अपनाए गए तरीके
- अकाउंटेंट अभिभावकों को फीस काउंटर पर रसीद देने के बाद उस रसीद को कैंसिल करके स्कूल के मुख्य दस्तावेज के साथ कूटरचना करके बैकडेट में काट देता था, ऐसा रसीद नंबर 2130 से स्पष्ट होता है, इसमें 13 फरवरी 2023 में 7,000 रुपये कैंसिल करके बाद में फीस रसीद नंबर 2150 इसी तारीख और रकम की काटी गई।
- गबन का दूसरा तरीका यह था कि जब वे दैनिक फीस मिलान के बाद स्कूल से चले जाते थे तो आरोपी बिना रसीद की क्रम संख्या बदले रसीद काटता था, रसीद नंबर 4708 से 4719 दिनांक 10 फरवरी 2025 को बिना क्रम संख्या तोड़े 93500 रुपये की फीस रसीदें काटी गई। यह फीस अभिभावकों द्वारा दिनेश के दोनों बैंक खातों में इसी तारीख को जमा है।

सीए की अंतरिम रिपोर्ट : 1.18 करोड़ में से महज 19.07 लाख कराए जमा
महासचिव ने बताया कि गबन का पता लगने पर सीए फर्म मोंगिया सन्नी एसोसिएट से स्पेशल ऑडिट कराया गया। आरोप है कि सीए की अंतरिम रिपोर्ट में आरोपी ने अपने दोनों बैंक खातों में अभिभावकों से कुल 11832605 रुपये फीस के एवज में जमा करवाए। इसमें से केवल 19.07 लाख रुपये ही उसने स्कूल के खातों में जमा करवाए। आरोपी ने अभिभावकों से 76.12 लाख रुपये नकद प्राप्त करके उन्हें भी स्कूल के खातों में जमा नहीं करवाया। इस तरह से करीब 17537000 रुपये का गबन हुआ। सीए का अभी खातों का पूरा अवलोकन शेष है।

किस वर्ष कितनी गड़बड़ी की-
- वर्ष 2022 : 8.66 लाख रुपये दिनेश के खाते में फीस के रूप में पहुंचे। बाद में रसीदें कैंसिल की।
- वर्ष 2023 : 13 फरवरी को 7,000 रुपये की रसीद कैंसिल कर उसी तारीख की दूसरी रसीद जारी करने का आरोप।
- वर्ष 2024 : 11 मई को एक अभिभावक ने तीन बच्चों की 9,100 रुपये फीस दिनेश के एचडीएफसी खाते में जमा कराई। आरोप है कि इसके बदले 10 मई की बैकडेट में तीन रसीदें काटी गईं।
- वर्ष 2025 : 10 फरवरी को 93,500 रुपये की फीस अपने और 26 दिसंबर को पत्नी के खाते में 3,150 रुपये फीस के जमा हुए। रसीदों में बैकडेट का आरोप है।
- वर्ष 2026 : अंतरिम ऑडिट में 76.12 लाख रुपये नकद फीस स्कूल खाते में जमा नहीं होने का दावा है। इसके अलावा 11 अगस्त को दो बच्चों की 11,900 रुपये खाते में लेने और 21 मार्च को 41,800 रुपये नकद लेकर बैकडेट रसीद काटने का आरोप है।
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स्कूल के महासचिव की शिकायत, सीए की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर अकाउंटेंट और उसकी पत्नी व भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। करीब 1.75 करोड़ रुपये की स्कूल फीस के गबन का आरोप है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- गौरख पाल राणा, डीएसपी असंध
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