अंबाला छावनी के रेल विहार स्थित आफिसर्स क्लब में डीआरएम से सम्मान प्राप्त करते उप निरीक्षक नि
अंबाला। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अंबाला पोस्ट पर तैनात उप-निरीक्षक निर्मल को उनकी उत्कृष्ट, निष्ठावान और साहसिक सेवाओं के लिए 70वें रेल सेवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। अपनी कर्तव्य परायणता और मुस्तैदी से रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले निर्मल ने कई बड़े मामलों में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं। इससे महकमे का नाम रोशन हुआ है।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लैपटॉप चोरी होने की बढ़ती वारदातों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक निर्मल ने सीपीडीएस टीम के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 4 शातिर आरोपियों को दबोचा गया। उनकी निशानदेही पर 7.50 लाख रुपये मूल्य के 8 लैपटॉप और 2 मोबाइल बरामद किए गए। इसके अलावा जांच के दौरान उन्होंने एक संदिग्ध आरोपी को दबोचकर उसके पास से 01 एके-103 राइफल और 40 कारतूस बरामद किए।
वर्ष 2025 के दौरान यात्री सामान चोरी करने वाले सक्रिय गिरोहों पर नकेल कसते हुए उन्होंने जीआरपी में करीब 150 एफआईआर दर्ज कराईं। इस कड़ी कार्रवाई में 200 से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया और लगभग 50 लाख रुपये मूल्य का चोरी हुआ सामान यात्रियों को वापस दिलाया गया। उप-निरीक्षक निर्मल की इन लगातार साहसिक और सराहनीय उपलब्धियों को देखते हुए रेल प्रशासन (अंबाला मंडल) ने उन्हें इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना। उनकी इस उपलब्धि पर आरपीएफ और रेलवे के अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बधाई दी है।
यह पूरे मंडल विशेषकर आरपीएफ के लिए बहुत ही सम्मानीय बात है। आरपीएफ के उप निरीक्षक ने बहादुरी की मिसाल पेश की है। दूसरे कर्मचारियों को भी इससे काफी मनोबल प्राप्त होगा।
भवप्रीता सोनी, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त,अंबाला।