अंबाला। हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यात्मक एकीकरण के सुचारू कार्यान्वयन को लेकर सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।
इसमें हाई या सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में या एक ही गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल के हेड टीचर और अन्य प्राथमिक शिक्षकों के वेतन के लिए उच्च/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मुखिया ही डीडीओ होंगे। यदि मिडिल स्कूल के मुखिया को डीडीओ घोषित किया गया है, तो वे ही संलग्न प्राइमरी स्कूल के हेड टीचर और शिक्षकों के वेतन के लिए डीडीओ होंगे, बशर्ते वहां कोई अन्य उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान न हो।
प्राइमरी स्कूलों के हेड टीचर का अवकाश उस गांव के उच्च स्तर के स्कूल के मुखिया द्वारा स्वीकृत किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर प्राइमरी हेड टीचर के पास रहेगा और वे शिक्षकों का अवकाश मंजूर करने के लिए अधिकृत होंगे। उच्च संस्थान के कैंपस में चलने वाले प्राइमरी विंग के मामले में, प्राइमरी हेड टीचर आवेदन स्वीकार कर अपनी संस्तुति के साथ संबंधित उच्च संस्थान के मुखिया के पास भेजेंगे।
फंड और खातों का रखरखाव
प्राइमरी विद्यार्थियों से एकत्रित किए जाने वाले स्कूल फंड प्राइमरी विंग के हेड टीचर के पास रखे जाएंगे और उनके खाते का रखरखाव भी हेड टीचर द्वारा ही किया जाएगा । प्राइमरी स्कूलों/विंग के हेड टीचर अपनी पहले की प्रथा के अनुसार ही कार्य करेंगे, लेकिन वे उच्च संस्थान (जहां उच्च संस्थान मौजूद हैं) के मुखिया के सीधे पर्यवेक्षण और नियंत्रण के अधीन होंगे। उच्च स्तर के संस्थान के ऐसे मुखिया को प्राइमरी स्कूलों/विंग का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
शिक्षा विभाग के नए निर्देश से प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी। उनके वेतन से लेकर अन्य समस्याओं का समुचित ढंग से समाधान हो सकेगा।
ज्योति सभ्रवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी,अंबाला।
शिक्षा विभाग का यह एक सराहनीय फैसला है। इससे प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी।
अमित छाबड़ा, राज्य प्रवक्ता, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।