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Ambala News: परमिट योजना में उलझे रोडवेज कर्मी व निजी बस संचालक

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अंबाला। सरकार द्वारा सभी जिलों में 265 मार्गों पर असीमित प्राइवेट बस परमिट देने के निर्णय पर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी ही नहीं बल्कि प्राइवेट बस संचालक भी उलझ रहे हैं। दि अंबाला सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ जिला अंबाला के सदस्यों ने इसको लेकर नाखुशी जताई है। उनका कहना है कि अंबाला में ऐसे कई रूट हैं जिन पर हरियाणा रोडवेज की बसें भी नहीं जाती और उन्हें उन रूटों पर परमिट दिया जा रहा है। कई रूट ऐसे हैं जिन पर सवारियों की काफी कमी है। ऐसे में इन रूटों पर बस चलाएं तब भी नुकसान होगा।
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दि अंबाला सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ जिला अंबाला के सदस्य राजेश कुमार, हरदीप सिंह, महेश गुप्ता ने बताया कि अंबाला में उनकी कुल 71 बस हैं, जो कि नौ रूटों पर चलती हैं। इनमें सिटी से जगाधरी 20 बसें, कैंट से नारायणगढ़ वाया साहा होते हुए 10 बस, सिटी से सढौरा तीन बस, सिटी से पिपली सात बस, सिटी से लाडवा चार बस, सिटी से नारायणगढ़ वाया हंडेसरा-पंजोखरा होते हुए आठ बस, सिटी से पेहवा 10 बस, सिटी से रायपुररानी दो बस व अन्य रूट पर बसें चलती हैं।
मौजूदा समय में उन्हें बस स्टैंड पर काउंटर टाइम दस से पंद्रह मिनट का मिल रहा है। परमिट मिलने के बाद बसों की संख्या में इजाफा होगा और जो काउंटर टाइम दस मिनट का मिल रहा है वह दो से पांच मिनट का हो जाएगा। ऐसे में वह बस अड्डे से कैसे दो से पांच मिनट में सवारी बैठा सकेंगे।
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हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा के पदाधिकारियों का तर्क

वहीं दो दिन पहले छावनी बस अड्डा पर निजीकरण के खिलाफ हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया था। इसमें नेताओं ने तर्क दिया कि पहले भी पूर्व की सरकारों द्वारा प्राइवेट बसों को परमिट दिए गए थे, मगर सफलता नहीं मिली। सरकार द्वारा इस पॉलिसी के तहत प्राइवेट बसों को परमिट दिए गए तो छात्रों व आम जनता को जो सुविधाएं सरकारी बसों में मिल रही हैं, उन सभी सुविधाओं से उन्हें वंचित रहना पड़ेगा।
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इन रूटों पर नहीं चलती रोडवेज की बसें

सिटी से कालू माजरा, लहारसा

सिटी से डंगडेरी

सिटी से तेजा माेहड़ी

कैंट से उगाला, उगाल, ठरवा माजरी

कैंट से पिलखनी
कैंट से कोडवा
साहा से शाहबाद, वाया केसरी-बिहटा
साहा से बीहटा, केसरी, दोह माजरा, शाहबाद व अन्य गांव
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