अंबाला। लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी से रोडवेज के 34 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लटक गईं हैं। इसमें दो परियोजनाएं तो खुद सीएम नायब सिंह सैनी के क्षेत्र से ताल्लुक रखती हैं। वहीं एक परियोजना सिटी वर्कशॉप की है। इसमें पांच महीने से नारायणगढ़ की कार्यशाला व बस अड्डा तो सिटी में कार्यशाला एक महीने से काम अटका है। जबकि तीनों परियोजनाओं के लिए 34 करोड़ रुपये का बजट रोडवेज लोक निर्माण विभाग को दे चुकी है।
इस धनराशि में 10 करोड़ 50 लाख रपये में नारायणगढ़ का आधुनिक बस अड्डा बनाया जाना था। इसी प्रकार 01 करोड़ 50 लाख रुपये में नारायणगढ़ वर्कशाप का निर्माण और 22 करोड़ 14 लाख 47 हजार रुपये में अंबाला सिटी वर्कशाप का निर्माण किया जाना है। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा टेंडर की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है। इस कारण काम लंबित हो गया है।
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नारायणगढ़ बस अड्डे का स्वरूप
नारायणगढ़ बस अड्डे पर दो मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। जिसमें नीचे के स्थल पर नौ काउंटर, एटीएम,चालक- परिचालक के लिए आराम कक्ष, शौचालय, विश्राम गृह, लिफ्ट व दुकानें होंगी। दूसरे स्थल पर कमरे व अधिकारियों के लिए कार्यालय बनाए जाएंगे।
नारायणगढ़ की आधुनिक वर्कशाप
इसी तरह से 01 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से नारायणगढ़ में वर्कशाप बनाई जाएगी। यहां पर बसों की देखभाल के अलावा रिपेयर का काम भी किया जाएगा। इस वर्कशाप में जरूरत के हिसाब से वह सभी उपकरण मौजूद होंगे जोकि बसों के सुरक्षित संचालन में उपयोगी होंगे। इसमें हाइड्रोलिक जैक, वॉशिंग सेंटर, रिपेयर किट, कर्मचारियों के लिए दस्ताने व अन्य संसाधन मौजूद होंगे।
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सिटी की वर्कशाप
इसी प्रकार अंबाला सिटी की वर्कशाप में आम बसों के अलावा एसी बसों व इलेक्ट्रिक बसों के अलग अलग शेड व चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। वर्कशाप के अंदर ही बसों में डीजल भरने के लिए व्यवस्था की जाएगी। जबकि सुरक्षा को लेकर भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अलावा वर्कशाप में आने वाले बसों का ऑनलाइन रिकार्ड भी रखा जाएगा।
नारायणगढ़ वर्कशाप की निविदा प्रक्रिया जारी है। जल्द ही ठेकेदारों के दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद कार्य आदेश जारी कर दिए जाएंगे। वहीं नारायणगढ़ बस अड्डे की निविदा जून में लगी है। इस माह कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा।
अमित मलिक, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़।
अंबाला सिटी वर्कशाप की नक्शा अभी नहीं मिला है। जब नक्शा आएगा तो अनुमानित लागत तैयार की जाएगी। इसके बाद फाइल को सरकार के पास भेजा जाएगा ताकि मान्यता मिलते ही निविदा से संबंधित आगामी प्रक्रिया आरंभ की जा सके।
रितेश अग्रवाल, एक्सईएन, पीडब्लूडी अंबाला।