संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। मंगलवार सुबह छाई कोहरे की चादर ने परिवहन व्यवस्था की रफ्तार धीमी कर दी। दृश्यता कम होने के कारण राजमार्गों पर रोडवेज सहित विभिन्न डिपो की बसें रेंगती नजर आईं। इसका सीधा असर उन दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा, जिन्हें कड़ाके की ठंड के बीच बस अड्डों पर इंतजार करना पड़ा। अंबाला डिपो की लगभग 15 बसें, जो लंबे मार्गों के लिए निर्धारित थीं, धुंध के कारण अपने तय समय से करीब दो घंटे की देरी से पहुंची।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर नारनौल-चंडीगढ़, हिसार-चंडीगढ, सिरसा-चंडीगढ़, दिल्ली-जालंधर, दिल्ली-पटियाला, दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर सहित अन्य लंबे मार्ग की बसों पर देखा गया।
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कड़ाके की ठंड में यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
छावनी बस अड्डे पर सुबह सुबह काम पर निकलने वाले यात्री ठिठुरन भरी ठंड के बीच बसों की प्रतीक्षा करते दिखे। समय पर बस न मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर बाद जब धूप निकली और कोहरा छंटा, तब जाकर बसों की रफ्तार सामान्य हुई और यात्रियों को कुछ राहत मिली।
कोहरे में हो रहे लेट
तरावड़ी निवासी विष्णु शर्मा ने बताया कि वह चंडीगढ़ में जॉब करते हैं, बस के जरिये अपने ऑफिस जाते हैं। लेकिन इन दिनों कोहरे के कारण लेट हो जाते हैं। आज भी उनकी बस एक घंटा लेट है।
कोहरे के कारण सप्ताह में जा रहे घर
पानीपत निवासी संजय सिंह ने बताया कि वह पंचकूला में प्राइवेट जॉब करते हैं। पहले वह रोजाना बस से आना जाना करते थे। लेकिन कोहरे में बसों के लेट होने को लेकर वह सप्ताह में एक बार घर आते हैं।
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कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है और दूर का साफ दिखाई नहीं देता। जिसके कारण चालकों को बसों को धीमी गति से चलाना पड़ रहा है। इसलिए लंबी दूरी की बसें देरी से पहुंच रही हैं।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।
कोहरे के दौरान धीमी गति से संचालन कर रही रोडवेज की बस। संवाद- फोटो : गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।
कोहरे के दौरान धीमी गति से संचालन कर रही रोडवेज की बस। संवाद- फोटो : गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।