अंबाला। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने बुधवार को चक्का जाम करने की घोषणा की है। ऐसे में कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बुधवार को एक भी बस को नहीं निकलने दिया जाएगा। इस कारण अंबाला से सात राज्यों में जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाली बसें प्रभावित रह सकती हैं। इन राज्यों में करीब 23 लंबे रूटों पर बसें प्रभावित रहेंगी। वहीं छोटे रूटों की बात करें तो 30 से अधिक ऐसे रूट हैं जहां पर अंबाला डिपो की बसें जाती हैं। अंबाला डिपो के पास कुल 237 बसें हैं और 550 के करीब चालक, परिचालक हैं। वहीं अंबाला छावनी बस अड्डा से करीब 15 हजार यात्रियों का रोजाना अवागमन होता है। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज प्रशासन की तैयारी है कि वह सुबह बसें निकालेंगे। ऐसे में रोडवेज यूनियन और रोडवेज प्रशासन के बाद आमने-सामने की स्थिति भी बन सकती है। इसको लेकर रोडवेज प्रशासन ने अंबाला सिटी व अंबाला छावनी के बस स्टैंड के लिए पुलिस विभाग ने पुलिस बल भी मांग लिया है जो सुबह बस स्टैंड पर नजर आएगा। अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर कोई कानून तोड़ने की कोशिश करेगा तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं साझा मोर्चा यूनियन के सदस्य जयवीर घनघस ने बताया कि साझा मोर्चा में दस संगठन और 20 सदस्य हैं। रोडवेज के सभी कर्मचारी सरकार की वायदाखिलाफी के खिलाफ बुधवार को चक्का जाम करेंगे।
ये हैं रोडवेज कर्मचारियों की मांगें
मुख्य मांगों में हिट एंड रन भारतीय न्याय संहिता काले कानून को तुरंत वापस लिया जाए, 265 मार्गों पर असीमित परमिट पॉलिसी को वापिस लेकर रोडवेज बेड़े में नई बसें खरीदी जाएं, परिचालक, चालक, लिपिकों की वेतन विसंगति दूर की जाए, देय अवकाश कटौती पत्र वापस लिया जाए, बसों के मरम्मत कार्य कंपनी को न दिया जाए, 2016 में भर्ती हुए चालकों सहित दादरी डिपो के 52 हेल्परों को पॉलिसी बना कर पक्का किया जाए, 2002 में भर्ती हुए चालकों को नियुक्ति से पक्का करके इन्हें पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए, 28 अक्तूबर 2005 से पहले भर्ती प्रकिया के तहत भर्ती होने वाले कर्मचारियों को सरकार के आदेशों अनुसार पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए, ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बहार करके तकनीकी पदों पर प्रमोशन की जाए, बकाया कई वर्षों के बोनस का भुगतान किया जाए, तकनीकी वेतनमान से वंचित कर्मचारियों को तकनीकी वेतन मान दिया जाए।
यह रूट होंगे प्रभावित
देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मेरठ, लखनऊ, यमुनागर, जयपुर, बद्दी, कालका, शिमला, सोलन, बैजनाथ, धर्मशाला, कुल्लू मनाली, चंडीगढ़, सिरसा, हिसार, हांसी, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, दिल्ली, नारायणगढ़, शहजादपुर, बराड़ा, कुरूक्षेत्र, पानीपत व अन्य रूट होंगे प्रभावित।
सुबह नियमानुसार बसों की व्यवस्था की गई है। इस बाबत पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हमें यात्रियों को दिक्कत नहीं होने देनी है। इसके लिए चालकों की भी ड्यूटी लगाई गई है
-विपुल नांदल, ट्रेफिक मैनेजर, अंबाला डिपो