अंबाला। छावनी बस स्टैंड स्थित पास कार्यालय में कार्यरत रोडवेज सहायक अमित खुराना का निलंबन रहस्य बन गया है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो अमित का निलंबन कर पलवल हेडक्वार्टर में तबादला कर दिया।
बताया जाता है कि चंडीगढ़ मुख्यालय की ओर से जारी किए निलंबन पत्र में प्रशासनिक कारण बताया गया है। मगर इस मामले में हैरानी की बात है कि आरोपित सहायक को यह पता ही नहीं है कि उसे किस मूल कारण से हटाया गया है। इसके साथ ही रोडवेज के अधिकारी भी यह नहीं स्पष्ट कर रहे हैं कि सहायक को हटाने का मूल कारण क्या है। इस मामले ने अब विभाग में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है।
जीएम रोडवेज ने भेजा था डीओ लेटर
राेडवेज कर्मचारी के निलंबन में बताया गया कि नवंबर महीने में महाप्रबंधक की ओर से मुख्यालय को भेजे गए डीओ का जिक्र किया गया है। इसके आधार पर सहायक को निलंबित किया गया है। सहायक पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसे में असिस्टेंट के साथ क्या हुआ कि उसे बिना चार्जशीट के निलंबित कर दिया गया।
परिवहन मंत्री के सामने करेंगे फरियाद
इस मामले पर सहायक अमित से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले वह अंबाला शहर स्थित रोडवेज कार्यालय में स्थापित शाखा में काम कर रहे थे। चार दिसंबर को उनके आर्डर अंबाला छावनी पास कार्यालय में कर दिए गए। तब से वह अंबाला छावनी पास कार्यालय में क्लर्क का काम कर रहे थे। उन्हें तो पता ही नहीं कि उन्हें किस मामले में निलंबित किया गया है। इसे लेकर वह चंडीगढ़ निदेशक राज्य परिवहन विभाग, एसीएस और परिवहन श्रम और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के समक्ष अपनी बात रखेंगे। सहायक का कहना है कि उन्होंने हरियाणा रोडवेज को अपने 31 साल दिए हैं। इन 31 साल में उनके खिलाफ किसी भी तरह की कोई भी शिकायत नहीं आई। अब निलंबन को लेकर वह खुद हैरान हैं।
वर्जन
मुख्यालय से असिस्टेंट के निलंबन के आदेश आए थे। इनमें प्रशासनिक कारण बताया है। ज्यादा मालूम नहीं हैं, इसके साथ ही असिस्टेंट का तबादला पलवल हेडक्वार्टर में कर दिया गया।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।
आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद