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Ambala News: कांवड़ यात्रा में सड़क सुरक्षा इंतजाम नाकाफी, हाईवे पर चल रहे कांवड़िये

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जगाधरी अंबाला राजमार्ग पर कांवड़ लेकर पंजाब की ओर जाते कांवड़िये। संवाद
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अंबाला। कांवड़ यात्रा की आस्था पर पुलिस- प्रशासन के इंतजामों में कमी दिख रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे कांवड़िये यमुनानगर अंबाला राजमार्ग का प्रयोग कर पंजाब जा रहे हैं। इस राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा के नियम टूट रहे हैं। एक तरफ तो कांवड़िये राजमार्ग पर ही चल रहे हैं दूसरी तरफ उन्हें नियम बताने वाला कोई नहीं है। शनिवार को भी यमुनानगर अंबाला राजमार्ग पर कांवड़ियों के वाहन और वह खुद भी राजमार्ग पर पैदल चलते दिखे। पिछले तीन दिनों में हुए दो हादसों में पुलिस प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोली दी है। पहला हादसा साहा चौक से कैंट की तरफ आने वाले हाईवे तो दूसरा शहजादपुर के रसीदपुर कट के पास हुआ है। दोनों की जगह पर कोई इंतजाम नहीं थी। यहां तक कि उससे पहले भी कोई कांवड़ियों को यह कहने वाला नहीं था कि वह अपनी लेन में चले, यही हादसों का कारण भी बने।
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शहरों तक ही सिमटी पुलिस की गश्त, बीच के रास्ते पर मंडरा रहा खतरा
कैंट, सिटी, साहा, बराड़ा, नारायणगढ़ के मुख्य चौक, गली-मोहल्लों में लगे शिविर में पुलिस की मुस्तैदी या गश्त तो देखने को मिलती है लेकिन जैसे ही कांवड़िये इनके बीच मुख्य हाईवे पर होते हैं तो वह हाईवे के बीच तक पहुंच जाते हैं, यहां तक कि शिविरों के आसपास भी कांवड़ियों के वाहन और वह खुद हाईवे के बीच चलते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में दिन रात हादसे का खतरा बना हुआ है।


पुलिस अधीक्षक की तरफ से यह दिए गए थे दिशा निर्देश

कांवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले अंबाला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत की तरफ से यात्रा के दौरान कांवड़ियों के सभी मार्गों पर सहायता के लिए पुलिसकर्मी व वाहन तैनात करने के निर्देश दिए थे। कहा था कि अगर कोई सड़क हादसा हो भी जाता है, तो उसके लिए भी मेडिकल सुविधाओं का पूरा इंतजाम प्रशासन द्वारा किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करने के निर्देश दिए थे।
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हाईवे पर जगह-जगह से गायब हुई सफेद पट्टी
अंबाला-जगाधरी व दिल्ली हाईवे की बात करें तो यहां पर कुछ-कुछ हिस्से से सफेद पट्टी भी गायब है। यहां तक कि साहा के मुलाना के बीच रास्ते पर तो सफेद पट्टी ही नहीं है। ऐसे में कांवड़ियों के अलावा वाहन चालक भी सोचने पर मजबूर हो जाते हैं। जाने अनजाने में वह हाईवे के बीच आ जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा शाम के समय ही बनता है। अंबाला में जो दो हादसे हुए है वो भी शाम के समय ही हुई है।

हाईवे पर गश्त के साथ-साथ पुलिस का पहरा भी है। जो भी कांवड़िये हाईवे पर चलते हैं तो उन्हें किनारे पर किया जा रहा है, साथ ही शिविर संचालकों को भी हिदायत दी जा रही है कि वो भी कांवड़ियों को व्यवस्था बनाए रखने को कहें।
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- इंस्पेक्टर जितेंद्र ढिल्लो, थाना प्रभारी महेश नगर

जगाधरी अंबाला राजमार्ग पर कांवड़ लेकर पंजाब की ओर जाते कांवड़िये। संवाद

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