संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट में आवारा और खूंखार जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक केवल आवारा कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे थे, लेकिन अब बंदर, बिल्ली और नेवले भी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। छावनी के नागरिक अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अस्पताल के रिकॉर्ड में पहली बार ऐसा देखने को मिला है, जब कुत्ते के अलावा बंदर, बिल्ली और नेवले के काटने का भी एक-एक मामला दर्ज किया गया है। इन जानवरों के हमले के बाद पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। शहर की गलियों और मुख्य बाजारों में घूम रहे आवारा जानवरों के कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खौफ के साये में बाहर निकलने को मजबूर हैं।
सात दिनों में 399 पहुंचे अस्पताल : नागरिक अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले महज एक सप्ताह के भीतर 399 लोगों ने जानवरों के हमले का शिकार होकर वैक्सीन लगवाने पहुंचे हैं। अस्पतालों में रोजाना एंटी-रेबीज वार्ड में मरीजों का आना लगा रहता है।
तारीखवार वैक्सीन लगवाने का विवरण : 26 अगस्त को 31, 27 अगस्त 44, 28 अगस्त 59, 29 अगस्त 86, 31 अगस्त 98, 1 सितंबर 44, 2 सितंबर को 37, इस तरह से 399 मरीज अब तक एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवा चुके हैं।