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25 करोड़ का सरकारी चावल हजम, 13 राइस मिलर्स के साथ गारंटर भी फंसे

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किसान खून पसीना एक कर धान पैदा करता है। सरकार उसे अच्छे खासे दाम पर खरीदती है। लेकिन कुछ बदनीयत व्यापारी उसे हजम जाते हैं और डकार भी नहीं लेते। अंबाला में भी इस बार ऐसा ही हुआ। जिले के 13 राइस मिलर्स करीब 25 करोड़ का सरकारी चावल खा गए। अब इन राइस मिलर्स पर सरकार कभी भी शिकंजा कस सकती है। बाकायदा इन सभी को एफआइआर और प्रॉपर्टी अटैच करने के नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। बड़ी बात यह है कि सरकार अब इस मामले में कोई भी कोताही बरतने के मूड़ में नहीं है। अलबत्ता सरकार ने न केवल इन राइस मिलर्स बल्कि इनके गारंटरों को भी 31 अगस्त तक के नोटिस जारी कर दिए हैं। चार अगस्त को डीएफएससी की तरफ से यह नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में अब राइस मिलर्स के साथ-साथ गारंटरों के भी
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किस राइस मिलर्स पर कितना फंसा सरकारी चावल
महावीर राइस एंड दाल मील अंबाला सिटी 1733.42 एमटी
अशोका एग्रो 187.84 एमटी
जीआरटी ओवरसीज बराड़ा 530.27 एमटी
रामा राइस मिल बराड़ा 1815.24 एमटी
सारांश एग्रो 401.14 एमटी
आदी शक्ति राइस मिल मुलाना 849.50 एमटी
इन्होंने नहीं लौटाया हैफेड का चावल
ओम श्री मारकंडेश्वर राइस 21.87 एमटी
त्यागी राइस मिल 473.48 मटी
पारस एग्रो फूड 536.98 एमटी
श्री कृष्णा राइस मिल
319.98 एमटी
गणपति राइस मिल 276.01 एमटी
हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन
कृष्णा राइस मिल 1001.02 एमटी
सुमुख एग्रो फूड 2393.06 एमटी
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353 गाड़ियां चावल की बकाया, 7 लाख रुपये की एक गाड़ी
इन राइस मिलर्स पर करीब 353 गाड़ियां चावल की बकाया हैं। चावलों से भरी एक गाड़ी की कीमत करीब सात लाख रुपये न्यूनतम मानी जाती है। ऐसे में करीब 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का चावल इन सभी पर बकाया है। फूड सप्लाई का 5517 एमटी, हेफेड़ का 1628 एमटी और वेयर हाउस का 2393 एमटी चावल इन राइस मिलर्स में फंसा है।
67 प्रतिशत लौटाना था चावल
बता दें कि इस वर्ष सरकार ने अंबाला जिले में विभिन्न सरकारी खरीद एंजेंसियों के माध्यम से 7 लाख 73 हजार 776 एमटी धान खरीदी थी। यह धान जिले के करीब 187 राइस मिलर्स को दिया गया है। इस धान के बदले में सरकार को इन सभी ने 5 लाख 18 हजार 430 एमटी चावल वापस करना था। लेकिन करीब 9538 एमटी यानी 95 हजार 380 एमटी चावल 13 राइस मिलर्स अभी तक नहीं लौटा पाए।
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एक माह की एक्सटेंशन भी नहीं आई काम
हालांकि यह माल सभी राइस मिलर्स ने 31 जुलाई तक लौटाना था लेकिन स्टोरेज उपलब्ध न होने व स्पेशल कम लगने के कारण स्पेस न होने का बहाना राइस मिलर्स ने बनाया था। इसीलिए सरकार ने 31 अगस्त तक एक्सटेंशन बढ़ा दी थी। लेकिन अब एक्सटेंशन नहीं बढ़ेगी बल्कि केस दर्ज होगा।
13 राइस मिलर्स को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। यदि इन्होंने 31 अगस्त तक चावल नहीं लौटाया तो हम इनके खिलाफ तो एफआइआर दर्ज ही कराएंगे। इनके साथ इनके गारंटरों पर भी केस दर्ज करवाया जाएगा। इसके अलावा सभी को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा। क्योंकि पहले ही सरकार एक माह की एक्टेंशन बढ़ा चुकी है।
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- निशांत राठी, डीएफएससी, अंबाला
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