Rice millers said we are unable to harvest paddy, will not register
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नारायणगढ़। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदेशभर के राइस मिलर्स एकजुट हो गए हैं। वर्ष 2021-2022 के लिए राइस मिलर्स से चावल लेने के लिए बनाए गए नए मापदंड को लेकर मिल मालिकों में रोष है। इसे लेकर शनिवार नारायणगढ़ में प्रदेश के निजी चावल मिल मालिकों की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि कोई भी मिल मालिक डीएफएसी के पास पंजीकरण नहीं करवाएगा। मिल मालिकों ने साफ कहा कि सरकार आगामी सीजन के लिए धान के भंडारण व कुटाई की खुद व्यवस्था कर ले।
राइस मिल एसोसिएशन नारायणगढ़ के प्रधान अशोक कालड़ा ने बताया कि जिला अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर के दस केंद्रों के 145 निजी चावल मिल मालिकों ने बैठक में हिस्सा लिया। एक निजी होटल में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से सरकार की ओर से घोषित वर्ष 2021-22 के लिए कस्टम मीलिंग के नए दिशा- निर्देशों पर गहनता से चर्चा की गई।
राइस मिलर्स ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वर्ष 2021-22 के लिए सभी मिल मालिक धान की कुटाई करने में असमर्थ हैं। वक्ताओं का कहना था कि सरकार की ओर से तय किए गए मापदंडों के अनुसार मिलर्स के लिए चावल तैयार करना संभव नहीं है। कोई भी मिलर्स खाद्य आपूर्ति विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएगा। इतना ही नहीं अब इस मामले को लेकर उपायुक्त व उपमंडल अधिकारी नारायणगढ़ को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। बैठक में नारायणगढ़, साहा, शहजादपुर, मुलाना, सरदेहड़ी, चांदसहोली, बिलासपुर, सढ़ौरा व बरवाल के राइस मिलर्स शामिल हुए।