अंबाला सिटी। सेक्टरवासी बेसहारा पशुओं की समस्या से परेशान चल रहे हैं। सेक्टर नौ के स्थानीय लोगों की मानें तो सेक्टर में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा विभिन्न चौक चोराहों पर दिखाई देना एक आम बात हो चुकी है, वहीं रात के समय इन पशुओं के कारण होने वाले हादसों से भी सेक्टरवासी बहुत परेशान हैं।
सेक्टर की कुछ सड़कों की स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से खराब अवस्था में चल रही हैं। अंधेरा होने के कारण सड़क के बीच बैठे बेसहारा पशु दोपहिया वाहन चालकों को अचानक ही दिखाई देते हैं, मगर जब वह दिखाई दते हैं उस समय देर हो चुकी होती है और दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं।
बेसहारा पशुओं को लेकर कईं बार निगम प्रशासन को शिकायतें भी की गई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ बेसहारा पशु महिला बुजुर्गों व बच्चों पर अचानक से हमला बोल देते हैं। वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी तकरीबन सभी प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष जाकर बेसहारा पशुओं की बात रखी। अधिकारी मात्र आश्वासन ही दे रहे हैं, जमीनी स्तर पर इस मामले में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
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कोई कार्रवाई नहीं कर रहे
सेक्टरवासी प्रो. राजन ने बताया कि बेसहारा पशुओं की यह समस्या बीते करीब तीन वर्षों से कुछ ज्यादा बढ़ चुकी है। सेक्टर की विभिन्न सड़कों पर बेसहारा पशु खुलेआम घूमते दिखाई देते हैं, मगर निगम प्रशासन इस मामले में कुछ भी नहीं कर रहा है।
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लोग बेसहारा पशुओं के बन रहे शिकार
स्थानीय निवासी जयकृष्ण ने बताया कि रात के समय सड़कों पर बेसहारा पशु एक झुंड की शक्ल में बैठे होते हैं। अंधेरा होने के कारण बेसहारा पशु दोपहिया वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते, जिस वजह से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
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पशुओं का रहता है जमावड़ा
सेक्टरवासी गुरदेव सिंह सैनी ने बताया कि सेक्टर में मेन मार्केट में रात के समय बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। यदि कोई हाथ में सामान लेकर पैदल जा रहा हो, तो वह उसके पीछे लग जाते हैं और सामान छीनने का प्रयास करते हैं।
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कोर्ट में सुनवाई का कर रहे हैं इंतजार
गुरु की रहमत संस्था से बिम्पी रेखी बताती हैं कि इस मामले में दो-तीन दिन अभियान चलने के बाद बंद कर दिया गया है। अब लोक अदालत में सुनवाई के बाद नगर निगम का पक्ष जानने को मिलेगा। सेक्टरवासी कोर्ट तक मामले को लेकर गए हैं।