अंबाला छावनी में नगर परिषद कार्यालय में धरना देते कलरेहड़ी गांव के लोग। संवाद
अंबाला। कलरेहड़ी गांव के दर्जनों निवासियों ने मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर धरना दे दिया। उन्होंने रोष जताते हुए बताया कि जोहड़ के गंदे पानी और गंदगी से निजात दिलवाने के लिए नगर परिषद ने जो मिट्टी डालने का कार्य किया था, वो गांव के दबंगों ने रुकवा दिया है। इससे गांव के रविदास मंदिर की दीवार को नुकसान होगा और उन्हें भी गंदगी भरे माहौल में रहना पड़ेगा।
वहीं मामले की जानकारी मिलते ही अंबाला छावनी के उपमंडल कार्यालय में मौजूद कार्यकारी अधिकारी तुरंत नगर परिषद में पहुंच गए और उन्होंने गांव वासियों को बातचीत के लिए बुलाया। उनके दस्तावेज देखने के बाद जब उन्होंने संबंधित विभागीय कर्मचारी से मामले की जानकारी ली तो उनके संज्ञान में आया कि गांव के ही दूसरे पक्ष ने लिखित में शिकायत दी है कि जोहड़ में मिट्टी डालने का मामला कोर्ट में चला गया है। इसलिए मिट्टी डालने का काम रोका दिया जाए।
काम हो गया बंद
नगर परिषद सदर के वार्ड नंबर एक में स्थित कलरेहड़ी गांव के निवासी सतीश कुमार, श्याम लाल, रिक्की, विक्रम आदि ने बताया कि गांव में रविदास मंदिर और धर्मशाला है जोकि नगर परिषद की जमीन पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज द्वारा बनवाई गई है। मंदिर की दीवार के साथ एक जोहड़ है। इसका गंदा पानी मंदिर की दीवार को नुकसान पहुंचा रहा है और इससे मंदिर के अंदर फर्श पर लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स भी बैठ गई हैं। वहीं गंदगी के कारण मंदिर आना भी मुश्किल हो गया है। जब यह मामला नगर परिषद की जानकारी में आया तो निविदा लगाकर कुछ समय पहले ही मंदिर के पास स्थित जोहड़ में मिट्टी डालने का काम नप ने शुरु करवाया था जोकि अब बंद हो गया है।
कलरेहड़ी गांव से कुछ लोग मिलने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास डाली जा रही मिट्टी के काम को रुकवा दिया गया है। यह कार्य क्यों रोका गया है, इसकी जांच करवाई जा रही है। किसी को भी सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का अधिकार नहीं है।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर, अंबाला।