संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले के 466 गांव को नशा मुक्त करने का लक्ष्य लेकर चले पुलिस विभाग की रफ्तार महज 242 गांव पर ही आकर थम गई है। महज दो माह के भीतर अप्रैल 2025 में विभाग की तरफ से आनन-फानन थानों से मंगवाई गई रिपोर्ट व खानापूर्ति के तहत किए सर्वे के आधार पर इन गांव को नशा मुक्त करने का दावा तो कर दिया है।
जब दोबारा से पुलिस की टीम इन गांवों में जा रही है तो उनके सामने एक के बाद एक चुनौती खड़ी हो रही है। ग्रामीणों का सहयोग न मिलना पुलिस के इस अभियान को सफल करने में बांधा बन रहा है।
आईजी की जांच टीम में जब ग्रामीण से पूछा तो कुछ एक-दूसरे के गांव में नशा बिकने की बात बोलते हैं तो कुछ झूठ बोल देते हैं कि नशा नहीं है। जबकि कुछ ग्रामीण युवाओं द्वारा नशा करने की बात बोलकर पीछे हट जाते हैं। इस जांच में 46 गांव में दोबारा से नशा पाया गया था। अंबाला के हल्दरी, हसनपुर, पंजैल, वाजिदपुर, माजरा, पसियाला, नगला, सबका, दुबली, खानपुर, मनसूरपुर, काकरू, सद्दोपुर, नगला जट्टी, धमौली, गधौली, नग्गल, पंजिटो, प्रैल, सलोला, सादिकपुर, संतोकी, शेरपुर, लोंटा, रसूलपुर, महमुदपुर, पपलौथा, रजौली, धकौला, हरयौली, हरदी में पुलिस की टीम को दोबारा नशा पाया गया था। पुलिस की टीम को दोबारा जांच में वार्ड नंबर 8 महेशनगर, पड़ाव थाना क्षेत्र, चंदपुरा, सुभाष पार्क कॉलोनी में नशा पाया गया था।