अंबाला। वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) विभाग जल्द ही एक माफी योजना लाने जा रहा है। जीएसटी कानून में इसके लिए जरूरी बदलाव किए हैं। इस स्कीम के तहत जीएसटी के तहत किसी कारण से टैक्स नहीं जमा करने वाली फर्मों को जुर्माना और उस पर ब्याज की राशि को माफ कर राहत मिलेगी।
यह छूट उन्हीं मामलों में लागू है जहां कर निर्धारण सेक्शन 73 में किया है या इस सेक्शन में कर निर्धारण का नोटिस प्राप्त हुआ है। अगर सेक्शन 74 के निर्धारण को अपील में सेक्शन 73 में परिवर्तित किया है। तभी इस स्कीम का लाभ मिलेगा। यह स्कीम केंद्र और राज्य स्तर पर एक साथ लागू होगी।
इस स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष एक जुलाई 2017 से 2018, 2018 से 2019 तथा 2019 से 2020 से संबंधित कर निर्धारण में छूट का लाभ मिलेगा। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए टैक्स की पूरी अदायगी अनिवार्य है, तभी ब्याज और जुर्माने में छूट मिलेगी। संभवत: जनवरी से स्कीम में आवेदन लिए जाएंगे।
सेक्शन 73 में होती है ये कार्रवाई
जीएसटी अधिनियम की धारा 73 में सामान्य मामलों में जीएसटी मांग के निर्धारण की प्रक्रिया को कवर करती है। इसमें कर का भुगतान विधिवत नहीं किया है। भुगतान किया गया कर वास्तविक देनदारी से कम है, टैक्स गलती से वापस कर दिया गया है या जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठाया या उपयोग किया गया है। ऐसे मामले धारा 73 में आते हैं। इस धारा में जहां कोई भी गुप्त उद्देश्य जैसे धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयानी या तथ्यों को छिपाना से जुड़े मामले शामिल नहीं होते हैं।
वन टाइम सेटलमेंट में अंबाला का दूसरा स्थान
राज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी से पूर्व के कानूनों जैसे वैट, सीएसटी, लग्जरी टैक्स के मामलों में एरियर को निपटाने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम में व्यापारियों को अच्छा मौका दिया था। इसके तहत पूरे प्रदेश में टैक्स संग्रहण और आवेदनों की संख्या में अंबाला ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। जबकि राजस्व में पहले स्थान पर गुरुग्राम (पूर्व) और आवेदनों में सोनीपत जिला रहा था। अंबाला ने तब 42 करोड़ रुपये के कर का संग्रहण किया था।