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गिरफ्तारी के लिए छापामारी, आंदोलनकारी अंडरग्राउंड

Wed, 24 Feb 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
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जाट आंदोलन के दौरान हिसार हाइवे को जाम करने और पुलिस को बंदूक दिखाकर फायरिंग करने के मामले में सिटी की सदर पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ छापेमारी शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने 300 के करीब जाट आंदोलनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने चार टीमें गठित की है, जो विभिन्न गांवों में जाकर इन आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करेगी, लेकिन दूसरी ओर पुलिस की धरपकड़ शुरू होते ही आरोपी आंदोलनकारी अंडरग्राउंड हो गए हैं। जिसके चलते मंगलवार को आरोपी आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की तमाम छापेमारी बेकार ही रही। पुलिस का कहना है कि भले ही आंदोलनकारी अभी फरार हो गए हैं, लेकिन टीमें लगातार उनके पीछे हैं और बहुत जल्द उन्हें काबू किया जाएगा।
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ये था मामला
रविवार को जाट आंदोलन के दौरान अंबाला में सैंकड़ों जाट आंदोलनकारी सड़कों पर उतर आए थे। हालांकि पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण जाम लगाए जा रहे थे, लेकिन रविवार को हंगामा थोड़ा ज्यादा ही बढ़ गया, इतना ही नहीं एक जाट आंदोलनकारी ने पुलिस को बंदूक दिखाकर फायरिंग तक कर दी। इसी के चलते पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, असंवैधानिक रूप से सभा बुलाने, राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने समेत अन्य आरोपों में विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज किए थे। पुलिस का आरोप है कि जाट आंदोलनकारी ने फायरिंग के दौरान पुलिस जवानों को मारने की कोशिश की थी। जबकि सड़कों पर पेड़ और टूटे मेनहोल फेंके गए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए जमकर हंगामा किया गया। इन्हीं हालातों को देखते हुए पुलिस ने करीबन तीन सौ जाट आंदोलनकारियों के खिलाफ हत्या का प्रयास करने के आरोप समेत दो अलग-अलग आपराधिक केस दर्ज किए गए और मंगलवार से पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू की।
अब गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रही पुलिस
दरअसल, मंगलवार को पुलिस ने जैसे ही गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए, वैसे ही सभी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए। जिन आरोपियों के नाम केस में दर्ज हैं, वे तो अपनी अग्रिम जमानत के लिए हाथ पांव मारने में जुट गए हैं, जबकि हंगामा करने वाले अन्य लोग भी फिलहाल गांवों और शहर से कहीं ओर अपने रिश्तेदारों के यहां निकल गए हैं। यही वजह है जब मंगलवार को सदर पुलिस सिटी के संबंधित इलाकों में पहुंची, तो वहां छापामारी के दौरान उन्हें कोई आरोपी नहीं मिला। जिसके चलते अब पुलिस ने संबंधित इलाकों के मौजिज लोगों से बातचीत की और उनसे आग्रह किया कि वे आरोपियों खुद ही सरेंडर करने के लिए कहें, वरना मजबूरन पुलिस ढूंढकर उन्हें गिरफ्तार करेगी। मौजिज लोगों से बातचीत के बाद फिलहाल सदर पुलिस की टीमें खाली हाथ लौट आई।
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पुलिस ने विशेष टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए हैं। जब तक सभी शांतिपूर्ण चलता रहा, तब तक पुलिस ने भी कुछ नहीं कहा, लेकिन जब पुलिस जवानों को बंदूक दिखाकर फायरिंग कर माहौल को उग्र करने की कोशिश की गई, तभी पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपी या तो खुद ही सरेंडर कर दें, वरना पुलिस सभी आरोपियों को ढूंढकर गिरफ्तार करेगी। इलाके के मौजिज लोगों से आह्वान है कि वे आरोपियों से सरेंडर करवाएं।
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-हरजिंद्र सिंह खैरां, एसएचओ, सदर थाना-

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