अंबाला में तीन दिन से चल रहे जाट आंदोलन के बाद चौथे दिन हालांकि हाइवों से जाम हट गया, लेकिन अंबाला में जाटों का आंदोलन बेअसर करने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस ने अंबाला में 300 जाटों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ भी शुरू कर दी है।
पुलिस ने जाटों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं, जिसमें एक मामले में जाटों के खिलाफ हत्या की कोशिश करने के आरोप में भी केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इस मामले में पुलिस पार्टी की ओर बंदूक दिखाने के बाद फायरिंग की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जाटों की धरपकड़ करने के लिए विशेष पुलिस टीम भी गठित कर दी है। लेकिन अभी तक किसी जाट के गिरफ्तार होने की सूचना नहीं है।
पहला केस-
पहले मामले में अंबाला सिटी स्थित सदर थाना पुलिस ने हेड कांस्टेबल राजीव की शिकायत पर जाटों के खिलाफ दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज की है कि विगत दिवस जाट आंदोलन की शुरुआत से पहले जाट समुदाय के कई लोग एकत्रित हुए और उन्होंने असंवैधानिक रूप से सभा का आयोजन का आपराधिक घटना की सजिश की। वहां एहतिहातन माहौल न बिगड़े इसलिए पुलिस पार्टी भी तैनात थी। तभी वहां एक जाट समुदाय के व्यक्ति ने अपनी बंदूक निकाली और तैश में आकर उसे पुलिस की ओर किया और फिर हवाई फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि संबंधित आरोपी ने पुलिस जवानों को जान से मारने की नीयत से बंदूर निकाली थी, लिहाजा यह हत्या का प्रयास था। पुलिस ने इस मामले में हेड कांस्टेबल राजीव कुमार की शिकायत पर आरोपी पर जाट समुदाय के लोगों हरकेश कुमार, परमजीत सिंह, शम्मी, तलविंद्र सिंह, बलकार सिंह, जय सिंह, महेंद्र सिंह, सुख्खा, विवके चौधरी, सतीश चौधरी, समेत अन्यों के खिलाफ धारा- 114, 148, 149, 186, 307, आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
दूसरा केस-
दूसरा मामला भी पुलिस ने जाटों के खिलाफ ही दर्ज किया है। इस मामले में 250 से ज्यादा जाटों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि असंवैधानिक रूप से सभा करने के बाद जाट समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर पूरा उत्पात मचाया, पेड़ उखाड़कर हाइवे पर फेंके गए, मेनहोल सड़क पर फेंककर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के अनुसार जिले में धारा 144 लगाई गई थी, लेकिन जाटों ने पुलिस के आदेशों की अवलेहना कर जाम लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसलिए उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में जाट समुदाय के हरकेश कुमार, परमजीत, शम्मी सौंडा, तलविंद्र सिंह, बलकार संधू, सुख्खा, विवेक चौधरी, सतीश चौधरी, जयसिंह, महेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, सन्नी, पाली व अन्य 250 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जाटों के खिलाफ धारा-147, 149, 186, 188, 283, सेक्शन-8बी के तहत केस दर्ज किया गया है।
जाट बोले, गलत है पुलिस, रंजिशन हुआ केस दर्ज
जाट समुदाय ने इस मामले को पूरी तरह से गलत ठहराया है। उनका कहना है कि चूंकि कई जाट समुदाय के लोग इनेलो से ताल्लुक रखते थे, इसलिए उन पर रंजिशन कार्रवाई हुई है। जाटों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में नेताओं के दबाव में जाटों के खिलाफ ये कार्रवाई की है। जाट समुदाय के नेताओं का कहना है कि जाटों ने केवल सड़क पर जाम लगाया। पूरी तरह से शांति बनाए रखी, सड़कों पर बैठकर आराम से लंगर चखा, इतना ही नहीं पुलिस को भी लंगर चखने का आग्रह किया। केवल वाहनों की आवाजाही रोकी, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार की न तो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही पुलिस पार्टी की ओर बंदूक दिखाकर उनकी हत्या का प्रयास किया। जाटों के अनुसार पुलिस नेताओं के दबाव में ये कार्रवाई कर रही है। इस मसले पर जाट समुदाय के लोग जल्द ही बैठक कर इस मामले में अपनी अगली रणनीति तय करेंगे।
एसएचओ बोले, जल्द सलाखों के पीछे होंगे आरोपी
थाना सदर के थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह खैरां का कहना है कि आरोपी ने पहले पुलिस पार्टी को बंदूक दिखाई, उसके बाद फायरिंग की। उनके अनुसार इसलिए आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा लगाई गई है। उनके अनुसार जब सबकुछ शांतिपूर्वक होना था, तो फायरिंग करने की क्या जरूरत थी? पुलिस ने किसी के दबाव में केस दर्ज नहीं किया है, पुलिस की तमाम कार्रवाई पूरी तरह संवैधानिक है। जाट समुदाय के लोगों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीमें बन चुकी है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सभी आरोपी जल्द सलाखों के पीछें होंगे। उनके अनुसार अब इलाके में हाइवे जाम और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को बिल्कुल भी पुलिस बरदाश्त नहीं करेगी।
वीडियोग्राफी से होगी आरोपियों की पहचान
पुलिस ने दोनों केसों में करीबन तीन सौ जाट समुदाय के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ तो पहचान के बाद उनके नाम के साथ केस दर्ज किया गया है, जबकि अन्यों की पहचान के लिए पुलिस करवाई गई वीडियोग्राफी का सहारा लेगी। पुलिस ने बताया कि पूरे जाम और फायरिंग मामले की वीडियो पुलिस के पास है, उसमें आरोपियों की पहचान की जा रही है, उसके बाद उनकी धरपकड़ शुरू की जाएगी। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी आसपास गांवों के ही है, इसलिए पुलिस को उनकी पहचान में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। वीडियो में हंगामा करने वाले आरोपियों को देखने के बाद ही उसे काबू किया जाएगा।