सीजेएम रवनीत गर्ग की अदालत ने दुराचार के मामले में दोषी को दस साल की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था। दुराचार पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तीन लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता का उसके निकट संबंधी ने शारीरिक शोषण किया था। 15 सितंबर 2010 को दर्ज मामले में सेशन कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते 10 साल की सजा सुनाई।
पीड़िता ने मुआवजे के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से गुहार लगाई, जिस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला ने पीड़िता को तीन लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला दिया है।
सीजेएम रवनीत गर्ग ने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पीड़ित को अधिकतम तीन लाख रुपये मुआवजा मिल सकता है।
जिला अंबाला में अप्रैल 2013 से शुरू योजना के तहत 11 लाख रुपये की राशि मुआवजे के रूप में प्रदान की जा चुकी है।