बराड़ा। अंबाला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र जिला के किसानों की एक विशेष बैठक वीरवार को बराड़ा तहसील के प्रांगण में हुई। इसकी अध्यक्षता भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह सेठी ने की। बैठक में दादूपुर-नलवी नहर तथा रेलवे विभाग की ओर से फ्रेट-कारीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। किसानों ने मार्केट रेट पर मुआवजा दिए जाने की मांग के लिए राहुल गांधी को पत्र भेजा है।
राजकुमार नंबरदार, गुरचरण सिंह, सतनाम सिंह, रवेल सिंह, अश्वनी कुमार, अमरजीत सिंह, मोहन सिंह, स्वर्ण सिंह, इंद्रजीत सिंह, दलीप सिंह, सुलेख सिंह, विद्यासागर, चतर सिंह, बलकार सिंह, गुरमीत सिंह ने बताया कि किसानों ने वर्ष 1993 से 2006 तक दादूपुर-नलवी नहर के लिए अधिगृहित की गई 2200 एकड़ जमीन का मुआवजा 3-5 लाख रुपये दिया जा रहा है, जो काफी कम है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार वर्ष 2012-13 में रेलवे विभाग द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि के 9 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर भी असंतोष प्रकट करते हुए मार्केट रेट पर मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने राज्य सरकार पर झूठे दावे व किसान हितैषी होने का नाटक करने के लिए प्रदेश सरकार की जमकर आलोचना की। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से न केवल उनकी जोत कम हुई है, बल्कि वह बेरोजगारी तथा आर्थिक तंगी का भी शिकार हो गए हैं।
यह है आगे की रणनीति
किसानों ने बताया कि इसी को लेकर कांग्रेस पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी, हरियाणा के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समस्या से अवगत करवाया जाएगा। इसके अलावा आगामी 24 फरवरी को कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गन्नौर, सोनीपत के प्रस्तावित दौरे के दौरान निजी रूप से मिलकर अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा दिलवाने की गुहार लगाई जाएगी।