वीरवार को अंबाला में पड़े ओलों ने जहां किसानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं सुबह हुई बारिश ने गेहूं की फसल को भिगो दिया, जबकि दो-तीन बार हुई बारिश से किसान हैरान है। गांव नडियाली में तो वीरवार को ही सायं चार बजे और सात बजे ओले गिरने से किसान परेशान हैं। उनको डर सता रहा है कि कहीं ओले फिर से न गिरें, जबकि महीनों की मेहनत के बाद जब फसल तैयार हुई, तो अब प्राकृतिक मार से किसान सहमे हुए हैं। यही कारण है कि गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई है और इसके चलते मंडियों में खरीद कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
दो बार बारिश के साथ गिरे ओले
नग्गल क्षेत्र के गांव नडिय़ाली में किसान उस वक्त सहम गए, जब सायं चार बजे और सात बजे अचानक बारिश के साथ ओले गिरने शुरु हो गए। गांव के लोगों ने बताया कि करीब पांच से दस मिनट तक ओले गिरे। गांव के रहने वाले लाभ सिंह, हनी, गुलाब सिंह, गुरजीत सिंह, संजय कुमार ने बताया कि सुबह हुई बारिश के कारण परेशान थे, जबकि दिन भर आसमान में छाये बादलों के कारण किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा रहा। ऐसे हालात देखकर जो कटी हुई फसल थी, उसे तो किसी तरह से बचाने की कोशिश की गई, लेकिन खेतों में खड़ी फसल पर खतरा मंडरा रहा है। यदि बारिश आती है या फिर ओले पड़ते हैं, तो किसानों को अच्छा खासा नुकसान होगा।
गेहूं में नमी बढ़ी, खरीद कार्य प्रभावित
वीरवार अल सुबह हुई बारिश के कारण गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई है। सरकार ने तय किया है कि नमी की मात्रा 12 प्रतिशत या इससे कम होगी तो ही गेहूं की खरीद की जाएगी। लेकिन इस बदले मौसम में गेहूं में नमी की मात्रा को काफी अधिक बढ़ा दिया है। गेहूं में नमी पकडने के कारण वीरवार को सिटी अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। कुछ ऐसे ही हालात अंबाला कैंट, साहा, मुलाना, बराड़ा, नारायणगढ़, शहजादपुर अनाज मंडियों के भी रहे, जबाकि खरीद कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। किसान हरबंस, चरनजीत, शक्ति की मानें, यदि बारिश हुई या फिर मौसम इसी तरह से मिजाज बदलता रहा, तो इस बार गेहूं की बिक्री काफी प्रभावित हो सकती है।
मार्केटिंग बोर्ड चेयरमैन ने किया मंडी का दौरा
मार्केटिंग बोर्ड की चेयरमैन कृष्णा गहलोत ने वीरवार को अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया और गेहूं खरीद के इंतजाम और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल किसानों ने बात की बल्कि आढ़तियों से भी विस्तार से जानकारी लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में लगी गेहूं की ढेरियों को भी चेक किया। हालांकि गेहूं खरीद प्रारंभ हुए करीब एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन शहर मंडी में बुधवार तक मात्र नाम की गेहूं ही आ पाई है। निरीक्षण के दौरान मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दुनीचंद दानीपुर ने चेयरमैन को बताया कि मंडी में स्थापित शेडों की पानी निकासी का एक तरफ प्रबंध नहीं होने से बरसात का पानी दोनों ओर गिरता है और पूरे शेड की लंबाई में फड़ों पर रखी उपज भीग जाती है। उन्होंने सभी शेडों की दोनों ओर पानी निकासी के लिए ढलान बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए न केवल पिछली सरकारों बल्कि पड़ोसी राज्यों की सरकारों के मुकाबले भी बेहतर काम किया है और आगे भी कर रही है। इस अवसर पर डीएमईओ गौरव चौधरी, एसई चेतन प्रकाश, एक्सईएन कुलदीप सैनी सहित चेयरमैन के साथ आई टीम, आढ़ती और किसान मौजूद रहे।