भारतीय रेलवे ने अग्रिम टिकट बुकिंग की समय सारिणी में बदलाव किया है और 16 अक्तूबर को इस संबंध में लिखित आदेश जारी करके क्रिस सिस्टम में बदलाव के निर्देश दे दिए हैं। इस बदलाव के तहत यात्री अब चार महीने यानी 120 दिन पहले रेल टिकट की अग्रिम बुकिंग नहीं करवा पाएंगे। रेलवे ने अधिसूचना जारी करके इस समय अवधि को दो महीने यानी 60 दिन के लिए निर्धारित कर दिया है।
हालांकि रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव 1 नवंबर से लागू होगा और 31 अक्तूबर तक की गई अग्रिम टिकट बुकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा। रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना में यह भी जानकारी दी गई है कि इन आदेशों का असर कुछ ट्रेनों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि ताज व गोमती एक्सप्रेस सहित कुछ अन्य ट्रेनों में अग्रिम टिकट बुकिंग के लिए समय सीमा पहले से ही कम है। जबकि विदेशी पर्यटक के लिए पहले से निर्धारित 365 दिनों की समय सीमा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यात्री झेलेंगे परेशानी
रेल टिकट की अग्रिम बुकिंग की समय सीमा कम होने से इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा। 120 दिनों की बजाए 60 दिन होने से यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। पहले जहां 120 दिन का समय होने से टिकट बुकिंग के कंफर्म होने का काफी समय मिल जाता था, लेकिन अब समय कम होने से भीड़ अधिक होगी और टिकट कंफर्म होने में भी दिक्कत आएगी।
33 वर्ष में छह बार हुआ बदलाव
रेलवे टिकट की अग्रिम बुकिंग की समय अवधि अप्रैल 1981 से जनवरी 1985 तक 90 दिन थी जोकि एक सितंबर 1988 से 30 सितंबर 1993 तक 45 दिन रही। इसी प्रकार एक सितंबर 1995 से 31 जनवरी 1998 तक 60 दिन, एक मार्च 2007 से 14 जुलाई 2007 तक 60 दिन, एक फरवरी 2008 से 9 मार्च 2012 तक 120 दिन और एक मई 2013 से 31 मार्च 2015 तक टिकट बुकिंग की अग्रिम अवधि 120 दिन थी जोकि एक नवंबर 2024 से 60 दिन हो जाएगी।
अधिकांश लोग अब ऑनलाइन टिकट लेने लगे हैं। कुछ लोग ही आरक्षण केंद्रों पर आते हैं। इसलिए यात्री सुविधा को मद्देनजर रखते हुए ही रेलवे ने अग्रिम टिकट बुकिंग की समय अवधि में बदलाव किया है ताकि यात्रियों को अधिक से अधिक कंफर्म टिकट उपलब्ध करवाई जा सकें।
- नवीन कुमार झा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, अंबाला।