राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन पर जल्द ही ट्रेनें 110 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ती नजर आएंगी। इस सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य पूरा हो गया है, यानि अब ट्रेनों के आवागमन के लिए अलग-अलग रेल लाइनें होंगी। इससे ट्रेनों का संचालन भी बाधित नहीं होगा। इस सेक्शन को रेलवे ने सुरक्षित घोषित करके स्वीकृति प्रदान कर दी है ताकि उक्त सेक्शन पर ट्रेनों की गति और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा सके।
इस पूरे सेक्शन पर डबल ट्रैक होने से यात्रियों के समय की काफी बचत होगी। फिलहाल इस सेक्शन पर 173 किलोमीटर की यात्रा के दौरान चार घंटे का समय लगता है, जो कि लगभग तीन घंटे में पूरा हो सकेगा।
अंबाला मंडल के अधीन आने वाले राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह परियोजना कुल 173 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के लिए तैयार की गई है। इस कार्य की शुरुआत वर्ष 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन कोरोना के कारण काम लगभग दो साल लंबित रहा जो कि मई 2024 में पूरा किया गया। इसके बाद सीआरएस ने पूरे सेक्शन का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे मान्यता प्रदान की।
लगभग 173 किमी रेलवे ट्रैक को तैयार करने का कार्य तीन चरणों में किया गया ताकि पूर्व में चल रही ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो और यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पहले चरण में राजपुरा-दाउकलां तक रेलवे ट्रैक बिछाया गया। दूसरे चरण में नाभा-हडिया और लहरा मोहब्बता-बठिंडा तक कार्य पूरा किया गया।
इसके बाद अंतिम चरण में दाउकलां-नाभा, हडिया-लहरा मोहब्बता और धूरी-पटियाला यार्ड का कार्य पूरा किया गया। अब इस पूरे सेक्शन को आधुनिक इलेक्ट्रानिक सिग्नल प्रणाली से लैस किया गया है ताकि दुर्घटना का अंदेशा न रहे। इस सेक्शन के दोहरीकरण के बाद प्रीमियम ट्रेनों के संचालन को लेकर भी कार्यवाही चल रही है। इसमें शताब्दी सहित वंदे भारत चलाने की भी योजना है।
मौजूदा समय में ट्रेनों का संचालन
मौजूदा समय में अंबाला कैंट से बठिंडा के बीच छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है जो कि दोनों दिशाओं में आवागमन कर रही हैं। इसमें 14887 ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस, 14525 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर इंटरसिटी, 14736 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस, 04547 अंबाला कैंट-बठिंडा, 14507 दिल्ली-फाजिल्का और 14816 ऋषिकेश-श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं।
अंबाला मंडल के अधीन राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत 2500 करोड़ रुपये की लागत से 173 किमी. का ट्रैक बिछाया गया है। इससे अब ट्रेनों की गति बढ़ेगी। साथ ही नई ट्रेनों के संचालन को लेकर योजना तैयार की जा सकेगी।
- मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।