अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर दाखिल होती ट्रेन के एसी कोच। रेलवे
अंबाला। रेलवे ने ट्रेनों के एसी कोचों में सेवाओं को बेहतर बनाने और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए योग्यता मानकों में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब एसी कोच अटेंडेंट बनने के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य होगा। इससे पहले आईटीआई की अनिवार्यता थी। इस कारण स्टाफ चयन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है।
सुपरवाइजर की भूमिका में दिखेंगे अटेंडेंट
रेलवे बोर्ड के संशोधित प्रावधानों के मुताबिक, कोच अटेंडेंट अब केवल सहायक के रूप में काम नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें अपने आवंटित कोच के लिए सुपरवाइजर की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर रेलवे ने आईटीआई योग्य उम्मीदवारों की कमी का मुद्दा उठाया था, इसके बाद यह सुधार लागू किया गया है।
नए नियम और शर्तें
रेलवे की ओर से जारी पत्र के तहत प्रमुख बदलावों के तहत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवार का न्यूनतम 12 वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। इसी प्रकार तकनीकी कौशल के तहत अटेंडेंट को सेमी-स्किल्ड श्रेणी में रखा जाएगा। विशेष प्रशिक्षण के तहत स्टाफ को कोच की छोटी-मोटी मरम्मत के कार्यों में प्रशिक्षित होना चाहिए ताकि सफर के दौरान यात्रियों की तकनीकी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा हो सके। योग्यता के अलावा बाकी सभी सेवा शर्तें 17 फरवरी 2026 को जारी पिछले आदेश के अनुसार ही रहेंगी।
अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा ने बताया कि इस बदलाव से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ट्रेनों में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।