रेलवे प्रशासन द्वारा सीवनमाजरा गांव के पुलिया का रास्ता बंद किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस कदम से गांव के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार करने को मजबूर हो गए हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द रास्ता खोलने की मांग की।
पुलिया का रास्ता बंद, लोग परेशान
बराड़ा रेलवे स्टेशन के समीप सहारनपुर की ओर रेल लाइन के किनारे बसे सीवनमाजरा गांव के लोगों के लिए पुलिया ही मुख्य रास्ता था। इसी पुलिया के जरिए ग्रामीण अपनी खेतों तक पहुंचते थे और दूसरी ओर स्थित अपने घरों से संपर्क रखते थे। लेकिन रेलवे विभाग ने हाल ही में पुलिया के एक साइड को पाइप लगाकर बंद कर दिया, जिससे वहां पानी जमा हो गया है और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।
किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बंद होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर अपने खेतों तक पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, जो लोग रेल लाइन के दूसरी तरफ रहते हैं, उनका गांव से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। किसान नंबरदार अमरजीत सिंह और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे अब अपनी मशीनरी और वाहन खेतों तक नहीं ले जा सकते। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग भी रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार कर रहे हैं, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है।
सरपंच ने विभाग को दी शिकायत
सीवनमाजरा के सरपंच प्रतिनिधि धर्म सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार अंबाला डीआरएम को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार का हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने एकजुट होकर रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिया का रास्ता खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। रेलवे प्रशासन की इस अनदेखी से ग्रामीणों में गहरा रोष है और उनका कहना है कि अब वे अपनी आवाज हर स्तर तक पहुंचाएंगे।