अंबाला। रेलवे बोर्ड ने वर्दी भत्ते और ड्यूटी के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षात्मक कपड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इन नए निर्देशों से रेलवे के लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। अब सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों को इन नियमों का पालन करना होगा।
रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (स्थापना/कल्याण) रश्मि दहिया ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। बोर्ड ने कहा है कि 3 अक्तूबर 2017 के आदेश के तहत वर्दी से जुड़े सभी भत्तों को एकमुश्त ड्रेस अलाउंस में समाहित कर दिया गया था। इसमें सिलाई शुल्क भी शामिल था। यह बदलाव 1 जुलाई 2017 से प्रभावी हुआ था। इसके परिणामस्वरूप, 20 सितंबर 2011 का वह पुराना आदेश निष्प्रभावी हो गया है। उस आदेश में सिलाई खर्च के अलग से भुगतान का प्रावधान था। हालांकि, कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिन कर्मचारियों को कार्यस्थल पर जोखिम का सामना करना पड़ता है, उन्हें सुरक्षात्मक व विशेष कपड़े पहले की तरह मिलते रहेंगे।
रेलवे कर्मचारियों के लिए अब अलग से सिलाई भत्ता नहीं मिलेगा। यह भत्ता एकमुश्त ड्रेस अलाउंस का हिस्सा बन चुका है। इसके बावजूद, सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। चमकीली या फ्लोरोसेंट जैकेट जैसे सुरक्षात्मक कपड़े मुहैया कराए जाते रहेंगे। यह उन कर्मचारियों के लिए है जिन्हें काम के दौरान जोखिम का सामना करना पड़ता है। संवाद