जनरल टिकट और एमएसटी के लिए दैनिक यात्रियों को करना होगा इंतजार, मेमू व डीएमयू चलने की भी संभावनाएं खत्म
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों के मद्देनजर रेलवे की जनरल टिकट मिलने की संभावनाएं खत्म हो गई है। कयास लगाए जा रहे थे कि दीपावली के बाद यह सुविधा शुरू हो जाएगी। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर रेलवे ने अब जनरल टिकट बुकिंग से हाथ पीछे खींच लिए हैं। त्योहारी सीजन के बाद दैनिक यात्रियों को थोड़ी राहत की उम्मीद थी।
संक्रमण के कारण 23 मार्च से अंबाला सहित देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर यूटीएस काउंटर यानी जनरल टिकट विंडो बंद हैं। 1 जून को अनलॉक-1 से अनलॉक-5 तक रेलवे ने जनरल टिकट की बिक्री शुरू नहीं की है। हालांकि पहले दीपावली और छठ पर्व के बाद बाद रेलवे जनरल टिकट की बुकिंग शुरू करने की बात कही जा रही थी परंतु अब इसकी संभावना खत्म हो गई है।
सूत्रों का कहना है कि आय बढ़ाने के लिए रेलवे जनरल टिकट बुकिंग शुरू करने की तैयारी कर रहा था परंतु अब यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। रेलवे का मानना है कि अगर जनरल टिकट बुकिंग खोल दी तो संक्रमण का खतरा पहले से कई गुणा बढ़ जाएगा। उधर अंबाला मंडल के अधीन रेलवे स्टेशन सहारनपुर, जगाधरी-यमुनानगर, बराड़ा समेत आसपास के क्षेत्रों से लगभग 8 से 10 हजार दैनिक यात्री चंडीगढ़ और पंजाब समेत दूसरे शहरों में नौकरी करने जाते हैं। वह पैसेंजर ट्रेनों का इस्तेमाल किया करते हैं। लेकिन एमएसटी यानी मंथली सीजन टिकट के न बनने से यात्री परेशान हैं। कोरोना काल को भी 8 महीने का समय हो गया है। आगे भी पैसेंजर ट्रेन चलने की गुंजाइश कम ही नजर आ रही है। इस कारण यात्री काफी परेशान हैं। उन्हें अन्य साधनों से कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। एमएसटी धारकों का कहना है कि जिस प्रकार अन्य ट्रेनों को स्पेशल बनाकर रेलवे द्वारा चलाया जा रहा है। उन्हें उम्मीद थी कि त्योहारी सीजन के बाद छोटे-छोटे स्टेशनों को कवर करने वाली ट्रेनों को भी स्पेशल नंबर से चलाया जा सकता है लेकिन अभी ऐसे कोई हालात नजर नहीं आ रहे।
रेलवे बोर्ड के आदेशों पर होती है कार्रवाई
कोरोना समीक्षा के आधार पर ही रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया जाता है। बोर्ड से जो आदेश जारी होते हैं उनका ही अनुपालन किया जाए। अभी जनरल टिकट काउंटर खोलने की जानकारी नहीं है।
-पंकज गुप्ता, एडीआरएम अंबाला।