माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला सिटी। टीबी अस्पताल को बनने में अभी और समय लग सकता है, क्योंकि यह परियोजना अधर में लटक गई है। इस परियोजना का ठेका जिस ठेकेदार को दिया गया था उसके काम न करने से लोक निर्माण विभाग ने उसे टर्मिनेशन नोटिस जारी कर दिया है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग नए सिरे से निविदा लगाएगा। वहीं ठेकेदार की सुरक्षा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने इस परियोजना को सितंबर 2023 में श्री रामजीदास बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया था।
19.99 लाख रुपये की लागत से बनना था प्रोजेक्ट
टीबी मरीजों की बेहतर जांच व शोध के लिए 19.99 करोड़ रुपये की लागत टीबी अस्पताल बनाया जाना था। यह परियोजना अभी तक बेसमेंट तक ही सीमित है। यह हालात तब हैं जब परियोजना की डेडलाइन समाप्त होने वाली है। वहीं श्री रामजीदास बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस मामले में विभाग की ही गलती बता रही है। उनका आरोप है कि विभाग ने कंपनी को फरवरी 2025 में परियोजना का ब्लूप्रिंट (ड्राइंग) दिया, जिसके कारण परियोजना पर काम बंद रहा। अब कंपनी के प्रतिनिधि लोक निर्माण विभाग से समय मांग रहे हैं मगर लोक निर्माण विभाग समय देने को राजी नहीं है। ऐसे में अब टर्मिनेशन की कार्रवाई के बाद नई निविदा ही विभाग देगा।
27 करोड़ रुपए हुए थे मंजूर 19.99 करोड़ में दिया था टेंडर
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व वर्तमान में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने सिटी में टीबी के मरीजों के लिए इस भवन को बनाने के लिए कवायद की थी। उन्होंने ही शिलान्यास किया था। मगर हैरानी की बात है कि जिस निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को कार्य कराने की जिम्मेदारी दी गई उसी ने हीलाहवाली कर दी। सरकार ने इस काम के लिए 27 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस कार्य को कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई थी। ऑनलाइन बोली में कंपनी को 19.99 करोड़ रुपये में यह कार्य दिया गया। वहीं ठेकेदार को काम जारी करते हुए बेसमेंट बनाने के निर्देश दे दिए गए।
समय पर काम न कर पाने को लेकर टीबी अस्पताल का जिस कंपनी को ठेका दिया था उन्हें टर्मिनेशन नोटिस थमाया गया है। अब नए सिरे से निविदा जारी की जाएगी। रितेश अग्रवाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग