अंबाला सिटी। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) फार्म भरने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स रोड़ा बन रहा है। यही नहीं निगम में टैक्स की रिपोर्ट कराने के लिए एक सप्ताह तक का समय भी लग रहा है। इससे युवाओं को नगर निगम में चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
अभ्यर्थियों को सीईटी फार्म भरने के लिए रिहायशी प्रमाण-पत्र बनवाना पड़ रहा है। इसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स भरा होना चाहिए, लेकिन कई ऐसे भी केस सामने आ रहे हैं। जिनकी प्रॉपर्टी आईडी में गलती की गई है। वह अपने बच्चों का रिहायशी प्रमाण-पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। यह लोग गलती ठीक करवाने के लिए ही भटक रहे हैं।
नगर निगम में रिहायशी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कभी एक तो कभी दूसरे काउंटर पर भेजा जा रहा है। कई लोग ऐसे हैं, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स ज्यादा आ रहा है। वह जब ठीक करवाने जाते हैं तो उनकी आईडी से टैक्स ठीक नहीं हो पा रहा। कई लोगों की आईडी में नाम, वर्गगज, पता भी गलत दर्ज किए हैं। इससे उनको प्रमाण-पत्र बनवाने में दिक्कत आ रही है। बुधवार को भी निगम में काउंटर पर प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करने को लेकर लंबी लाइन लगी रही।
एक सप्ताह से निगम में धक्के खा रहे युवा
निगम में रिहायशी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए युवा तिशू, गुरविंद्र, जसविंद्र, लविश निगम में पहुंचे। तिशू ने बताया कि उसे सीईटी में ऑनलाइन आवेदन करना है। वह रिहायशी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए एक सप्ताह से निगम के चक्कर काट रहे हैं। गुरविंद्र ने बताया कि दो दिन से रिहायशी प्रमाण-पत्र बनाने के लिए निगम में चक्कर काट रहे हैं। कभी एक काउंटर पर भेज दिया जाता है तो कभी दूसरे पर।
सरल पोर्टल नहीं चलने से जाति प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे। इससे खासकर युवाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक तरफ तो कॉलेज, पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए जाति, मूल रिहायशी प्रमाण पत्र चाहिए। वह सरल पोर्टल बंद होने से नहीं निकल पा रहे हैं। इसी तरह जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र भी पोर्टल बंद होने से नहीं बन पा रहे हैं।