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Ambala News: पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया में बाधा, 30 जून तक रोस्टर करना होगा दुरुस्त

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कई जोन और उत्पादन इकाइयों ने अब तक पोर्टल पर आरक्षण रोस्टर का काम नहीं किया है पूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे में रिक्त पदों को भरने और कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया में बड़ी बाधा सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने पाया है कि कई जोन और उत्पादन इकाइयों ने अब तक मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचएमआरएस) पोर्टल पर आरक्षण रोस्टर का काम पूरा नहीं किया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए बोर्ड ने सभी जनरल मैनेजरों को 30 जून 2026 तक की आखिरी चेतावनी जारी की है।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल इंडिया के दौर में भी आरक्षण रोस्टर का काम धीमी गति से चल रहा है। सीधी भर्ती कोटे के तहत केवल 26.19% रोस्टर तैयार किया गया है। इसी प्रकार एलडीसीई कोटे के तहत महज 36.59% काम पूरा हो पाया है जबकि पदोन्नति कोटे के तहत लगभग 53.77% रोस्टर ही पोर्टल पर अपलोड हो पाया है।
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जरूरी है यह रोस्टर
बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (स्थापना) प्रमोद कुमार सफी ने जारी आदेश में कहा है कि आरक्षण रोस्टर के बिना रिक्तियों का सही आकलन करना संभव नहीं है। जब तक यह डाटा एचआरएमएस पर अपडेट नहीं होगा, तब तक न तो नई भर्तियों का सही विज्ञापन निकल पाएगा और न ही समय पर पदोन्नति के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। सूत्रों के अनुसार, एससी/एसटी और ओबीसी के लिए बनी संसदीय समितियां और आयोग लगातार रेलवे पर आरक्षण रोस्टर के सही रखरखाव के लिए दबाव बना रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि डाटा में किसी भी तरह की विसंगति पाए जाने पर उसे तुरंत सुधार कर पोर्टल पर फीड किया जाए।
समय पर हो काम पूरा
अंबाला मंडल की ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लाइज एसोसिएशन के सचिव पवन कुमार ने प्रशासन से अपील की है कि सभी विभागों में लंबित पड़े रोस्टर डाटा को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, साथ ही इसकी नियमित निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित करने की भी मांग की गई है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे पोर्टल पर अपने विभाग के रोस्टर की स्थिति की जांच करते रहें, यदि किसी कर्मचारी को रोस्टर में कोई नाम छूटने या गलत प्रविष्टि जैसी विसंगति नजर आती है, तो वह तुरंत एसोसिएशन को सूचित करें ताकि समय रहते प्रशासन के समक्ष मामला उठाकर उसे दुरुस्त कराया जा सके।
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रोस्टर का ऑनलाइन होना एससी/एसटी कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम है। इससे पदोन्नति में होने वाली देरी और गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी।



- ओम प्रकाश मीणा, मंडल अध्यक्ष, एससी/एसटी एसोसिएशन
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