माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला में 17वीं लोकसभा के तहत संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपी लैड) के तहत किए जा रहे कार्यों से राज्य सभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा असंतुष्ट हैं। योजना पर काम काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है। इसको लेकर उन्होंने अफसरों से कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
योजना पर नजर डालें तो 17वीं लोकसभा के तहत कुल 23 कार्य स्वीकृत किए गए। जिसमें से 10 कार्य ही पूरे हो सके। वहीं छह कार्यों पर अभी भी प्रगति जारी है। वहीं सात कार्य ऐसे हैं जिन पर अभी तक काम शुरू ही नहीं हुआ है। वहीं राज्य सभा सदस्य की निधि के तहत हुए कार्यों पर गौर करें तो 29 कार्यों की अनुशंसा की गई थी, जिसमें से 14 कार्य स्वीकृत किए गए। जिसमें से पांच कार्य प्रगति पर हैं तो नौ कार्य अभी शुरु किए जाने बाकी हैं।
इसको लेकर हाल ही में हुई दिशा समिति की बैठक में राज्य सभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने विभागीय अधिकारियों से योजना की प्रगति को लेकर असंतोष जाहिर किया था। जिसके तहत अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द एस्टीमेट बनाकर भिजवाएं और कार्यों को पूरा कराएं। वहीं योजना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में सांसद निधि से 68 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई। जिसमें 56 लाख रुपये खर्च किए गए। इस धनराशि से चार कार्यों की स्वीकृति दी गई, जिसमें तीन कार्य पूरे हुए तो एक कार्य अभी तक लंबित है। वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में 48 लाख रुपये स्वीकृत किए, 22.50 लाख रुपये खर्च हुए। इस धनराशि से छह कार्य स्वीकृत किए गए जिसमें से चार कार्य पूरे हुए तो दो कार्य अभी लंबित हैं।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 124.25 लाख रुपये स्वीकृत किए जिसमें से 25.53 लाख रुपये ही खर्च हुए। इस धनराशि से 10 विकास कार्यों काे कराया जाना था, जिसमें से चार पूरे हुए तो एक कार्य प्रगति पर है तो पांच कार्य अभी शुरु ही नहीं हुए। वहीं 2023-24 में 56.02 लाख रुपये स्वीकृति किए गए, जिसमें से 10.36 लाख रुपये खर्च किए। इस धनराशि से छह विकास कार्यों का कराया जाना था, जिसमें से तीन कार्य पूरे हो चुके हैं तो तीन अभी भी लंबित हैं।
राज्यसभा सदस्य की निधि से मिले 73 लाख रुपये
वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य सभा सदस्य को 73.03 लाख रुपये की निधि मिली। जिसमें से अभी तक एक भी खर्च नहीं हुई है। इस धनराशि से 14 विकास कार्य राज्य सभा सदस्य द्वारा 14 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से पांच कार्य अभी चल रहे हैं तो 9 कार्य शुरू ही नहीं हुए।