संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। प्रोनिंग प्रक्रिया (पेट के बल लेटना) कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में सहायक है। एसडीएम डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि यदि कोविड के मरीज हैं और घर पर ही क्वारंटाइन है तो प्रोनिंग की प्रक्रिया से आप अपने ऑक्सीजन के स्तर को सुधार सकते हैं। आपकी जागरूकता ही आपको इस बीमारी से लड़ने में सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि प्रोनिंग मरीज के शरीर की पॉजिशन को सुरक्षित तरीके से परिवर्तित करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें पीठ के बल लेटा हुआ मरीज जमीन की तरफ मुंह करके पेट के बल लेटता है। चिकित्सा के क्षेत्र में प्रोनिंग शरीर की एक स्वीकृत अवस्था है, जो सांस लेने की प्रक्रिया को आरामदायक बनाती है और शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाती है।
सांस लेने में तकलीफ वाले कोविड-19 मरीजों, विशेषकर होम आइसोलेशन वाले कोविड मरीजों के लिए प्रोनिंग की प्रक्रिया काफी फायदेमंद है। इससे वेंटिलेशन बढ़ता है, श्वसन कोशिकाओं को खोलकर आसानी से सांस लेने में मदद करती है। इसकी आवश्यकता केवल उसी स्थिति में है, जब मरीज को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही हो।
ऐसे करें यह प्रक्रिया
इस प्रक्रिया को करने के लिए एक तकिया गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिया छाती और जांघ के ऊपरी हिस्से की बीच रखें, दो तकिया पैर की पिंडलियों के नीचे रखें। लेटने की स्थिति में नियमित रूप से बदलाव करते रहना होगा। किसी भी स्थिति पर 30 मिनट से ज्यादा का समय न लगाएं, 30 मिनट से 2 घंटे तक पेट के बल लेटें, 30 मिनट से 2 घंटे तक दाईं तरफ करवट से लेटें, 30 मिनट से 2 घंटे तक बाईं तरफ करवट से लेटें, 30 मिनट से 2 घंटे तक शरीर के ऊपरी हिस्से को उपर उठाएं और बैठ जाएं, फिर से 1 नंबर वाली स्थिति पर लौटें और पेट के बल लेटें।