अंबाला सिटी। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होते ही वार्षिक शुल्क के मामले को लेकर अभिभावकों के दबाव में आए जिला शिक्षा अधिकारी के विरोध में स्कूल संचालक एकजुट हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए अंबाला के जिला शिक्षा अधिकारी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस दिया है।
हरियाणा स्कूल्स प्रोग्रेसिव कांफ्रेंस एचपीएससी के बैनर तले स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस देने के साथ डीसी अशोक शर्मा से मुलाकात की और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रति सौंपी। डीसी अशोक शर्मा ने विश्वास दिलाया कि अदालत के आदेशों के अनुसार ही काम किया जाएगा और इन आदेशों की प्रति को उन्होंने शिक्षा विभाग के एसीएस व जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा।
हरियाणा स्कूलस प्रोग्रेसिव कांफ्रेंस के उपप्रधान प्रशांत मुंजाल व एडवाइजर सौरभ कपूर ने कहा कि अंबाला के साथ साथ जहां पर भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को अनदेखा करके स्कूल संचालकों के खिलाफ लेटर निकाले जा रहे हैं, वहां पर एचपीएससी की स्टेट विंग द्वारा कोर्ट की अवमानना का नोटिस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंबाला में भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा डायरेक्टर व हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए लेटर निकाला और वार्षिक शुल्क लेने पर रोक लगाई, जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 फरवरी 2021 को अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि स्कूल संचालक वार्षिक शुल्क व अन्य खर्च ले सकता है।
वहीं 19 मार्च 2021 हाईकोर्ट ने भी सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों को पंजाब व हरियाणा के लिए मान्य कर दिया। प्रशांत ने बताया कि इसको लेकर सरकार की ओर से भी लेटर जारी हो चुका है। इसके बाद वह 2019-20 में जो भी चार्ज अभिभावकों से लिए गए हैं, वह चार्ज 2020-2021 में ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट तौर पर कहा कि अभिभावक 5 मार्च 2021 से लेकर अगस्त 2021 तक 6 किश्तों में भी अपने बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं।