संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। गर्मी के मौसम और भविष्य की पानी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने का खाका तैयार कर लिया है। शहर के बलदेव नगर सहित ग्रामीण अंचल के हरियोली और रामपुर गांव में नए और आधुनिक ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।
67 लाख रुपये से अधिक की इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पानी का प्रेशर बढ़ेगा, बल्कि वर्षों पुराने बंद पड़े ट्यूबवेलों की समस्या से भी स्थायी निजात मिलेगी। विभाग के कार्यकारी अभियंता हरभजन सिंह ने कहा कि अक्सर शिकायत आती है कि नए ट्यूबवेलों से शुरुआती दिनों में बालू या गंदा पानी आता है। इस बार बोरिंग के बाद बोरवेल के अंदर कैमरे से वीडियोग्राफी और विस्तृत जांच की जाएगी, जिससे पाइप और स्क्रीन की सटीक स्थिति का पता चल सके। दूषित पानी को पीने के पानी में मिलने से रोकने के लिए 25 मीटर ऊपर बेंटोनाइट मिट्टी की सुरक्षित परत बनाई जाएगी। ट्यूबवेल को चालू करने से पहले जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में पानी के नमूनों की रासायनिक जांच होगी।
-
बलदेव नगर में लगेगा हाई-कैपेसिटी ट्यूबवेल
सिटी के बलदेव नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड के 15 हजार निवासियों को राहत मिलेगी। लगभग 23.94 लाख की योजना के तहत पुराने व बदहाल पड़े ट्यूबवेल के स्थान पर नया हाई-कैपेसिटी ट्यूबवेल लगाया जाएगा। भूजल की बेहतर उपलब्धता के लिए यहां 400 मीटर (लगभग 1300 फीट) की गहराई तक रिवर्स सर्कुलेशन रिंग विधि से ड्रिलिंग होगी। इसके साथ ही 25 एचपी की आधुनिक सबमर्सिबल मोटर व ऑटोमैटिक कंट्रोल पैनल लगाया जाएगा।
-
हरियोली गांव में करीब 7 हजार लोगों को राहत
गांव हरियोली में अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाने से लगभग 7 हजार लोगों से जुड़ी पानी की किल्लत दूर होगी। लगभग 16.88 लाख की इस योजना के तहत ग्रामीणों की बढ़ती मांग को देखते हुए गांव में एक अतिरिक्त ट्यूबवेल बोर किया जाएगा। 250 मीटर की गहराई तक बोरिंग कर 25 एचपी की पंपिंग मशीनरी और 200 मीटर सबमर्सिबल केबल बिछाई जाएगी।
-
रामपुर में बंद पड़े ट्यूबवेल की जगह नया लगेगा
गांव रामपुर में बंद पड़े ट्यूबवेल की जगह नया पंप लगाया जाएगा। इस योजना का लाभ 8 हजार की आबादी को मिलेगी। इस योजना पर लगभग 16.47 लाख रुपये की लागत आएगी। यहां पानी के उठाव को बेहतर बनाने के लिए भारी क्षमता वाली 30 एचपी की सबमर्सिबल मोटर और 35 एचपी का ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल लगाया जाएगा।
गर्मियों में अक्सर पानी का प्रेशर कम हो जाता था या ट्यूबवेल खराब होने से टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए ट्यूबवेल लगने से शहरी सहित ग्रामीण आबादी को निर्बाध और शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
- हरभजन सिंह, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, अंबाला।