पंचायत चुनाव के अंतर्गत अंबाला ब्लॉक वन का गांव उगाड़ा इस बार फिर से चर्चा का विषय रहा। वर्ष 2010 के पंचायती चुनाव में भी इस गांव ने कमाल किया था और वर्ष 2016 के चुनाव में भी इसी गांव ने कमाल कर दिया। इस बार इस गांव ने सबसे युवा प्रत्याशियों को अपने गांव की कमान दी है। गांव में चुने गए सरपंच और पंच सभी 30 साल या इससे कम उम्र के हैं। इतना ही नहीं गांव की सरपंच भी गांव के इतिहास में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी है। गांव की नवनिर्वाचित सरपंच हरिंद्र कौर एमए बीएड हैं। जबकि दो पंचों ने बीए, दो पंचों ने बारहवीं और दो पंचों ने दसवीं पास की हुई है। अपनी युवा पंचायत को लेकर जहां पूरे गांव में उल्लास का माहौल है, वहीं नई ग्राम पंचायत भी विकास के मामले में गांव की तस्वीर बदलने की तमन्ना रखती है।
पिछली बार टॉस से बना था सरपंच
इसी गांव में पिछली बार सरपंची का चुनाव कांटे की टक्कर पर आकर रूक गया था। गांव में तनाव के बीच मतदान हुआ था, लेकिन जब मतगणना हुई तो दोनों प्रत्याशी 181 और 181 वोट के साथ बराबर आ गए। गांव में अजीब माहौल बन गया। बात दोबारा वोटिंग पर आ गई। निर्वाचन अधिकारी भी हैरान हो गए कि अब क्या किया जाए, लेकिन उस वक्त भी ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए इलाके में पहली बार टॉस सिस्टम से सरपंच की जीत और हार का फैसला किया गया। उस वक्त गांव में टॉस किया गया और इसमें जसविंद्र कौर को सरपंच बनाया गया।
इस बार गांव में पढ़ी लिखी युवा सरकार
इस बार फिर से उगाड़ा गांव ने कमाल किया और अपनी युवा सरकार चुनी। सरपंच और दो पंचों को चुनाव से, बाकी चार सर्वसम्मति से ही चुने गए। गांव में 30 साल की हरिंद्र कौर (एमए, बीएड) 256 वोटों से जीती। 25 साल की मीनाक्षी (बीए) पंच, 27 साल का गुरसेवक (बीए) पंच, 28 साल की परमजीत कौर (दसवीं) पंच, 30 साल की रीना देवी (दसवीं) पंच, 28 साल की रुपिंद्र कौर (बारहवीं) पंच व 30 साल की रीना रानी (बाहरवीं) पंच चुनी गई। गांव के इतिहास में ये सबसे युवा सरकार है। जबकि पूरे ब्लॉक में ये सबसे युवा ग्राम पंचायत बनी है।