अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग ने आरटीई नियम के तहत पोर्टल पर सीट की संख्या न बताने वाले निजी स्कूलों पर सख्ती बरतते हुए तीन माह बाद भी उनके पोर्टल नहीं खोले हैं। ऐसे में इन स्कूलों की दिक्कत बढ़ गई है।
इसके अलावा विभाग ने एक हजार ट्यूशन फीस लेने वाले स्कूलों पर 30 हजार, 3 हजार ट्यूशन फीस लेने वाले स्कूलों पर 70 हजार जुर्माना लगाने की तैयारी कर ली हैं। वहीं तीन हजार से ऊपर ट्यूशन फीस लेने वाले स्कूलों की पेशी निदेशालय में लगेगी।
जिले में 72 निजी स्कूलों में से 45 स्कूलों का पोर्टल तो पहले ही बंद हो चुका है। इन स्कूलों का यू-डाइस भी नहीं है, बाकी बचे 27 स्कूलों में से 6 स्कूलों का पोर्टल खोलने के लिए विभाग ने निदेशालय में पत्र लिखा है। इन स्कूलों ने डीईईओ कार्यालय में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा था।
इन स्कूलों में होली ऐंजल मांन्टेसरी स्कूल अंबाला छावनी, एसए जैन सीनियर मॉडल स्कूल अंबाला शहर, अर्जुन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिहटा साहा, गुरु नानक हाई स्कूल चुडियाला साहा, सिख सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंबाला छावनी, एसएस लिटल एंजल्स कान्वेंट स्कूल अंबाला छावनी स्कूल शामिल हैं।
कई स्कूलों ने आरटीई के तहत पोर्टल पर नहीं दिखाई थी सीट : विभाग की ओर से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नर्सरी व पहली कक्षा में मेधावी बच्चों के दाखिले के लिए सीट की संख्या मांगी गई थी, लेकिन जिले में कई स्कूलों ने सीट की संख्या नहीं दर्शाई थी। इसके बाद विभाग ने पोर्टल पर सीट की संख्या न दर्शाने वाले स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया था। निदेशालय ने यह कार्रवाई पूरे प्रदेश में की थी। विभाग की ओर से अभी तक पोर्टल नहीं खोले गए हैं, जबकि निजी स्कूलों का कहना है कि वह पोर्टल बंद होने से स्कूलों में दाखिले भी नहीं कर पा रहे हैं। संवाद