माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला। नगर परिषद की आबादी क्षेत्र में बनी डंपिंग साइट पर अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नजर पड़ गई है। बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों ने अमर उजाला के अभियान डंपिंग जोन हटाओ की खबरों के बाद संबंधित साइट पर निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीओ सुखराम मोहर डंपिंग साइड पर निरीक्षण करने आए और कमियों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें नगर परिषद को नोटिस दिया जा रहा है। उन्हें विभाग ने सुझाव भी दिए हैं कि कमियों को निश्चित समय में ठीक कर लिया जाए, क्योंकि इससे आबादी प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में प्रदूषण भी फैल रहा है। ऐसे में अब नगर परिषद काे डंपिंग साइट को लेकर सुधार करने होंगे।
साइट पर नहीं मिली चहारदीवारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी के निरीक्षण में सामने आया कि डंपिंग साइट मुख्य तौर पर कचरा को एकत्रित करने के लिए बनाई गई है। यहां पर कचरा एकत्रित कर गाड़ियों से निस्तारण के लिए पटवी ले जाया जाता है। कचरा जिस दिन गिरे उसी दिन उठना चाहिए, मगर स्थानीय लोगों की मानें तो दो से तीन दिन बाद कई बार कचरा उठता है, इसके साथ ही साइट पर चहारदीवारी भी नहीं कराई गई है। यहां पशु भी विचरण करते दिखे, जो कचरे को अपने साथ आबादी क्षेत्र में ले जा रहे थे।
कचरे का रिकॉर्ड भी नहीं दिखा
यहां कचरे के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां कितना कचरा आया, कितना उठा इसका रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है, इसके साथ ही कचरा खुले आसमान के नीचे है। जिससे बारिश आने पर इसके हानिकारक तत्व जमीन में भी जा रहे हैं। पहले भी नगर निकायों के कचरे को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त फैसले ले चुका है, जिसमें अंबाला नगर निगम और बराड़ा नगर पालिका पर तो एक करोड़ रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है, लेकिन अभी तक निकाय ने इस जुर्माने को जमा नहीं कराया है।
नगर परिषद की डंपिंग साइट आबादी क्षेत्र में होने का अमर उजाला में समाचार संज्ञान में आया था। इस पर विभागीय अधिकारी को भेजकर निरीक्षण कराया गया। नोटिस दिया जा रहा है, जिससे नगर परिषद कमियों में सुधार कर ले। सुधार नहीं आया तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।अजय सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
अंबाला छावनी में 12 क्रॉस रोड पर बनाया गया डंपिंग जोन। अकाइवा