पटवी स्थित सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शुरू हुए सात बरस गुुजर गए, शुरू होते ही ये प्लांट पचड़ों में घिर गया और कुछेक माह में ही बंद हो गए। यानी प्लांट को ठप हुए भी सात बरस गुजर गए। इस दौरान अंबाला में कई डीसी आए और कई डीसी चले गए।
अंबाला के निवर्तमान डीसी समीर पाल सरो, शेखर विद्यार्थी, केएम पांडुरंग, डाक्टर साकेत कुमार व मनदीप सिंह बराड़ इन सभी उपायुक्तों ने पटवी स्थित इस प्लांट को शुरू करवाने के दावे किए, लेकिन कहीं न कहीं ये प्लांट विभिन्न विवादों और पचड़ों में घिरा रहा और शुरू नहीं हो पाया, लेकिन सोमवार को अंबाला के हाल ही में नियुक्त किए गए नए डीसी अशोक सांगवान ने भी म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के कमिश्नर अजय तोमर के साथ पटवी स्थित सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का दौरा किया।
जिसके बाद डीसी सांगवान ने अंबाला की जनता को फिर से एक बार आश्वासन दिया है कि वे जल्द से जल्द इस प्लांट को जनहित में शुरू करवाएंगें, लेकिन तब तक शहर और इस प्लांट में इकट्ठा हो रहे कचरे के जल्द निस्तारण का भी उन्होंने आश्वासन दिया।
इस प्लांट के निरीक्षण के दौरान डीसी सांगवान ने एमसीए कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे इस प्लांट की स्टेटस रिपोर्ट उन्हें सौंपे और बताएं कि किन कारणों से ये प्लांट शुरू नहीं हो पा रहा है? किस स्टेज पर इस प्लांट को चालू करने में दिक्कतें आ रही है?
जर्जर मशीनरी देख हैरान हुए डीसी
प्लांट के निरीक्षण के दौरान डीसी अंबाला ने जर्जर हुई करोड़ों की मशीनरी पर भी हैरानी जताई। डीसी ने एमसीए कमिश्नर से इस ठप पड़ी मशीनरी की जानकारी ली। उन्होंने वहां पड़े अन्य सफाई उपकरणों और वाहनों की भी जर्जर हालात देखें और हैरानी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर इस प्रोजेक्ट के नक्शों और दस्तावेजों को भी खंगाला। डीसी को बताया गया कि यह प्रोजेक्ट यहां 17 एकड़ जमीन पर लगा हुआ है और यहां प्लांट में रोजाना 200 टन कचरा पहुंच रहा है, जिस वजह से यहां कचरे के पहाड़ लगता जा रहा है, लेकिन इस कचरे के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर डीसी ने एमसीए कमिश्नर को निर्देश दिए किए प्लांट को चलाने के प्रयास तो तेज किए जाएं, दूसरा जब तक प्लांट नहीं चलता, तब तक किसी तरह इस कचरे के निस्तारण का दूसरा उपाय देखा जाए, ताकि यहां कचरा बढ़ता न जाए। इस प्लांट का निरीक्षण करने के बाद डीसी व एमसीए कमिश्नर की टीम वापस लौटी और डीसी ने इस पर एमसीए कमिश्नर को स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश देते हुए फिलहाल कचरा निस्तारण के दूसरे विकल्प ढूंढने के निर्देश दिए।
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पटवी प्लांट का निरीक्षण किया गया है। लोगों को सफाई भरा माहौल उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्लांट में मशीनरी, नक्शों, दस्तावेजों और वाहनों की स्थिति का जायजा लिया गया है। एमसीए कमिश्नर इस पर अपने स्टेटस रिपोर्ट देंगे, ताकि मालूम चल सके कि आखिरकार प्लांट चालू होने में अब क्या औपचारिकताएं रह गई है? प्रशासन जनता को विश्वास दिलाता है कि जल्द से जल्द प्रशासन प्लांट को शुरू करवाने की भरसक प्रयास करेगा।
-अशोक सांगवान, डीसी अंबाला-
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प्लांट के मसले पर नेताओं में भी ठनी
सैलजा बोली, मैं प्रोजेेक्ट लाई, कटारिया आगे बढ़ाएं
राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा का इस मसले पर कहना है कि लोकसभा सांसद रहते हुए वे इस महत्वकांक्षी परियोजना को अंबाला में लेकर आई थी, लेकिन पहले अफसरों की लापरवाही से ये परियोजना लटकी रही और आज तक प्लांट ठप रहा, लेकिन अब तो केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। मौजूदा सांसद रतन लाल कटारिया इस जनहित की परियोजना को आगे क्यों नहीं बढ़ा रहे हैं। वे खुद गंभीरता लेकर इस प्लांट को शुरू क्यों नहीं करवाते? अंबाला के लोग आज जबरदस्त गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी नेताओं और अफसरों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
कटारिया बोले, पहले ही विवादित था प्रोजेक्ट
अंबाला के मौजूदा लोकसभा सांसद रतनलाल कटारिया का कहना है कि सैलजा उन्हें न बताए कि उन्हें क्या करना है? उनके अनुसार पहले ही कांग्रेसी नेताओं के दबाव में अफसरों ने इस परियोजना में बड़ी लापरवाही बरती है, जिसका खामियाजा आज जनता भुगत रही है। अफसरों ने बिना पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लिए इस प्लांट को शुरू करवा दिया। बाद में जब मंत्रालय की सख्ती हुई तो प्लांट बंद करना पड़ा। उनकी पूरी कोशिश है कि वे प्लांट को जल्द शुरू करवाएं, ताकि अंबाला को नीट एंड क्लीन बनाया जा सके।
मेयर बोले, गंदगी में जी रहे लोग, अफसरों को सुध नहीं
म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के मेयर रमेश लाल मल का कहना है कि सत्ताधारी नेताओं का इस प्रोजेक्ट की ओर ध्यान ही नहीं है। वैसे तो भाजपा नेता प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के ढिंढौरे पीट रहे हैं, लेकिन यही नेता यह तो बता दें कि जब कूड़े को निस्तारण करने वाला प्लांट ही सात बरस से ठप पड़ा है, तो कचरे का निस्तारण कैसे होगा। अफसरों को भी जनता की सुध नहीं है, गंदगी खाली प्लॉटो और खुले मैदानों में ही फेंकी जा रही है। ऐसे में प्रशासन के स्वच्छता के सभी दावे कागजी है।
विधायक बोले, जल्द शुरू करवाऊंगा प्लांट
सिटी विधायक असीम गोयल का कहना है कि मैं अंबाला के लोगों को गंदगी से मुक्त करवाने के लिए जल्द से जल्द इस प्लांट को शुरू करवाएंगे। वे जल्द ही इसी मसले पर अंबाला के प्रशासनिक अफसरों की बैठक लेंगे, ताकि ये मालूम चल सके कि आखिरकार ये प्लांट किन विवादों में घिरा हुआ है। उसके बाद राज्य और केंद्र सरकार की मदद से इस प्लांट को जल्द शुरू करवाएंगे।
विज बोले, अफसरों की जिम्मेदारी तय हो
सेहत मंत्री अनिल विज का कहना है कि अंबाला में व्याप्त गंदगी के माहौल से लोगों की सेहत को भी खतरा है। दूसरा, कचरे को निस्तारण करने वाला प्लांट यदि ठप पड़ा है, तो इस मसले में भी ये भी देखा जाए कि आखिरकार अफसरों ने प्लांट को शुरू करने से पहले पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी क्यों नहीं ली। उनके अनुसार उन्होंने पहले भी इस मसले को विधानसभा में उठाया था। वे इस बारे में सीएम से बात करेंगे और परियोजना में लापरवाही बरतने वाले अफसरों की जिम्मेदारी तय करने की बात रखेंगे। दूसरा, मौजूदा अफसर अब जल्द से जल्द देखें कि इस परियोजना में क्या दिक्कत आ रही है और उन दिक्कतों को निपटाकर जल्द प्लांट शुरू करवाएं।
'अमर उजाला' ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा
अमर उजाला ने इस मसले को सिलसिलेवार प्रमुखता से उठाया है। सोमवार के अंक में भी अमर उजाला ने इस प्लांट की मौजूदा स्थिति पर विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की। जिसके बाद डीसी अंबाला और एमसीए कमिश्रर ने अपनी टीम ने के साथ प्लांट का दौरा किया और एक बार फिर से डीसी ने अंबालवियों से वायदा किया है कि वे जल्द से जल्द इस प्लांट को शुरू करवाने का भरसक प्रयास करेंगे।