दस साल पहले नग्गल विधानसभा सीट टूटने से पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को बड़ा सियासी नुकसान हुआ था। तब इसके लिए सीधेतौर पर तत्कालीन इनेलो सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया था। अब उसी इनेलो ने शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर आजाद प्रत्याशी निर्मल सिंह व उनकी बेटी चित्रा को समर्थन देने का निर्णय लिया है। पूर्व मंत्री के आवास पर रविवार को इनेलो की ओर से इसका औपचारिक ऐलान किया गया। उधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मीडिया सलाहकार दिलीप चावला बिट्टू व पूर्व पार्षद सोनिया रानी भी अब निर्मल सिंह के समर्थन में आ गए।
इनेलो जिलाध्यक्ष शीशपाल जंधेड़ी ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने अंबाला सिटी सीट पर आजाद प्रत्याशी पूर्व मंत्री निर्मल सिंह व अंबाला कैंट में आजाद प्रत्याशी चित्रा सरवारा को समर्थन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में इनेलो का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन है। सहमति से दोनों पार्टियों के नेताओं ने अब दोनों सीटों पर अपने कार्यकर्ताओं को निर्मल सिंह व चित्रा के पक्ष में मतदान करने के आदेश दिए हैं। सिटी विधानसभा सीट पर इनेलो-शिअद का कोई उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर पाया था। जबकि कैंट सीट से पार्टी नेता ओंकार सिंह ने नामांकन दाखिल किया है। चित्रा को समर्थन देने के बाद अब ओंकार सिंह अपना नामांकन वापिस लेंगे। उधर पूर्व पार्षद सोनिया रानी ने भी निर्मल सिंह को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इसके लिए रविवार को उनके आवास पर खुद पूर्व पार्षद के पति टोनी चौधरी पहुंचे थे।
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने रविवार को मीडिया के समक्ष नया खुलासा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सैलजा ने उनकी बेटी का टिकट कटवाने के लिए पूरा जोर लगाया। यहां तक कि पार्टी हाईकमान को भी उन्होंने चित्रा का टिकट न काटने पर इस्तीफे की धमकी दी थी। निर्मल ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें रादौर विस से चुनाव लड़ने की बात कही थी लेकिन उन्होंने अपनी कर्मभूमि को छोड़कर जाने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सिटी व कैंट विस से उन्हें व बेटी को जीत का आशीर्वाद मिला तो सैलजा को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इनेलो नेता ओंकार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का अहंकार तोड़ने के लिए अब वह पार्टी हाईकमान के आदेश पर आजाद प्रत्याशी चित्रा सरवारा का खुला प्रचार करेंगे। जल्द ही वे अपना नामांकन पत्र वापिस लेकर मैदान में उतर जाएंगे। ओंकार ने कहा कि चित्रा उसकी बेटी की तरह है। उसकी जीत के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हिम्मत सिंह ने कहा कि अंबाला सिटी सीट पर बड़ी सौदेबाजी हुई है। उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे इसका खुलासा करेंगे। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा पर एक भाई को दूसरे से लड़वाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं का टिकट से दरकिनार किया गया है।
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के समर्थकों ने रविवार को 1996 का एक पोस्टर भी जारी किया। तब जेल में बंद निर्मल सिंह ने इस पोस्टर के जरिए नग्गल विधानसभा (अब अंबाला सिटी) के लोगों से एक अपील की थी। इस अपील का लोगों के दिलो दिमाग पर गहरा असर हुआ था। तब जेल से ही निर्मल सिंह ने विरोधियों को शिकस्त देकर जीत हासिल की थी।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मीडिया सलाहकार दिलीप चावला बिट्टू भी अब पूर्व मंत्री निर्मल के समर्थन में उतर आए हैं। रविवार को वो भी पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचे थे। बिट्टू की गिनती हुड्डा के सबसे खास वफादारों में होती है। बिट्टू ने कहा कि निर्मल सिंह ही कांग्रेस है। अपने सियासी जीवन में उन्होंने निर्मल सिंह को ही अपना आदर्श माना है।