नारायणगढ़। कई दिन से उपमंडल के गांव लौटों में पंचायती जमीन के टुकड़े को लेकर जारी तनाव रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। दो समुदाय के बीच तेजधार हथियार चले, वहीं पत्थरबाजी भी हुई। झगड़े में एक पंच बुरी तरह से जख्मी हो गया जिसे चंडीगढ़ रेफर किया गया है। इसके अलावा एक पुलिस कर्मचारी को भी चोटें आई हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद डीसी अंबाला डा. साकेत कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने मौके का दौरा किया और दोनों पक्षों की बात सुनी। फिलहाल गांव में शांति कमेटी का गठन किया गया है, जो मामले को सुलझा रही है।
यह है मामला
गांव लौटों में आठ अप्रैल को एक महिला ने कथित तौर पर पंचायत की जमीन पर कब्जा करने के लिए वहां पर डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। इस समुदाय के लोगों ने यहां सोमवार को इसी जमीन पर बाबा साहब जयंती मनाने का फैसला भी कर लिया। इसी को लेकर गांव के दो समुदायों में तनाव बढ़ गया। प्रशासन ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया। साथ ही प्रशासन ने कहा कि चुनाव के बाद मामले का हल निकाला जाएगा लेकिन इस दौरान गांव में तनाव का माहौल रहा और रविवार को इसी विवाद के चलते यहां खूनी संघर्ष हो गया।
इस तरह से बिगड़ा मामला
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले पंच संजीव कुमार अपने साथी के साथ नारायणगढ़ जा रहे थे। रास्ते में कथित तौर पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की जानकारी लगते ही दूसरे समुदाय के लोग भी एकत्रित हो गए। दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और नौबत पत्थरबाजी तक पहुंच गई, जबकि तेजधार हथियार का भी कथित तौर पर इस्तेमाल हुआ। पत्थरबाजी में कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। मौके पर तैनात पुलिस बल ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। पत्थरबाजी में पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं।
एक पक्ष का आरोप
गांव के एक समुदाय का कहना है कि वे रविवार को गुरुद्वारा में बैसाखी पर्व मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान पंच संजीव व उसका साथी जसबीर गली से बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर एक व्यक्ति को अपशब्द कहे और उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया। इसी को लेकर झड़प हो गई। इस पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने एक महिला के घर पर पथराव भी किया और घर के शीशे तोड़ दिए।
दूसरे पक्ष का आरोप
दूसरे पक्ष का आरोप है कि मामले को निपटाने को लेकर प्रशासन के बुलावे पर संजीव और जसबीर बातचीत के लिए नारायणगढ़ जा रहे थे। रास्ते में खड़े हुए पहले पक्ष के लोगों ने घेर लिया और जातिसूचक शब्द कहे। इसके बाद कुछ लोगों ने दोनों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। जसबीर किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन संजीव के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।
डीसी व डीसीपी ने किया गांव का दौरा
डीसी डा. साकेत कुमार और डीसीपी सुरेंद्र पाल सिंह ने गांव का दौर किया। दोनों अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों से मिलकर बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं स्थानीय रेस्टहाउस में डीसी की अध्यक्षता में दोनों समुदायों के लोगों के बीच बातचीत भी हुई, जिसके बाद बीस सदस्यीय शांति कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। यह कमेटी इस मामले में समाधान को लेकर काम करेगी। इस दौरान एसडीएम योगेश कुमार व एसीपी मुकेश मल्होत्रा भी पुलिस बल के साथ गांव में मौजूद रहे।
‘गांव लौटों में उपजे विवाद को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मामले के निपटान के लिए शांति कमेटी गठित की है। इसके अलावा कानून के अनुसार जो कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।’
-डा. साकेत कुमार, डीसी अंबाला।