अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर दोपहिया वाहनों को रोककर उनकी जांच करते हुए पुलिस मुलाजिम: संवा
अंबाला। ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने व पुलिस-पब्लिक विवादों को खत्म करने के लिए आईजी पंकज नैन के आदेश अंबाला में कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। 5 फरवरी को हुई मीटिंग में आईजी ने सख्त निर्देश दिए थे कि चालान काटते समय पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी-वॉर्न कैमरा होना अनिवार्य है।
हकीकत यह है कि अंबाला की सड़कों पर आज भी ट्रैफिक कर्मी बिना कैमरों के ही ड्यूटी कर रहे हैं। शहर के व्यस्त चौक-चौराहों पर की गई पड़ताल में सामने आया कि चालान काटते समय कई पुलिसकर्मियों की वर्दी पर कैमरे नहीं थे।
पूछने पर कर्मियों ने संसाधन की कमी का हवाला दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि चालान प्रक्रिया के दौरान कोई विवाद होता है तो उसकी सत्यता की जांच कैसे होगी। संवाद
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर दोपहिया वाहनों को रोककर उनकी जांच करते हुए पुलिस मुलाजिम: संवा
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर दोपहिया वाहनों को रोककर उनकी जांच करते हुए पुलिस मुलाजिम: संवा