अंबाला। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहारनपुर रेलवे स्टेशन का वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से लोकार्पण करेंगे। सहारनपुर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए 13.22 लाख रुपये खर्च किए हैं।
मौजूदा समय में सहारनपुर रेलवे स्टेशन से 165 के करीब ट्रेनों का आवागमन होता है। सहारनपुर से न केवल मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अमृतसर, लखनऊ, अहमदाबाद, ओखा, जम्मूतवी, देहरादून और चंडीगढ़ आदि के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं बल्कि एक ब्रांच लाइन शामली, बड़ौत, बागपत होते हुए शाहदरा-दिल्ली से भी मिलाती है।
ये सुविधाएं मिलेंगी
अंबाला मंडल के अधीन इस स्टेशन पर अब यात्रियों को द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, भोजनालय नए स्वरूप में नजर आएगा। वहीं अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन परिसर सहित मुख्य गेट को काफी आकर्षित बनाया गया है। यहां शांति के प्रतीक गौतम बुध की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्लेटफार्म पर ग्रेनाइट पत्थर लगाया गया है। जबकि यात्री सुविधा के तहत स्टेशन के दोनों गेट पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा रात के समय स्टेशन की सुंदरता को लेकर रंग-बिरंगी लाइटें भी लगाई गई हैं।
मंडल के अन्य रेलवे स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अंबाला रेल मंडल के 16 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया था। इसमें सहारनुपर के अलावा चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं और इसका भी कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। इसके अलावा अंबाला शहर रेलवे स्टेशन को 22.12 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। वहीं धूरी जंक्शन पर 37.63, कालका पर 32.03, संगरूर पर 25.51, सरहिंद जंक्शन पर 25.12, आनंदपुर साहिब पर 24.21, रूपनगर पर 23.99, नंगल डैम पर 23.31, साहिबजादा अजीत सिंह नगर मोहाली पर 23.20, , अंब अंदौरा पर 22.04, यमुनानगर-जगाधरी पर 22, अबोहर जंक्शन पर 21.09 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जबकि शेष 2 स्टेशन पटियाला पर 47.51 करोड़ और मलेरकोटला पर 22.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इन रेलवे स्टेशनों का भी 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है।
वर्जन
अंबाला मंडल के अधीन 16 स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। इसमें से सहारनपुर सहित 13 अन्य स्टेशन तैयार हो गए हैं। वहीं, चंडीगढ़ स्टेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। जबकि पटियाला और मलेरकोटला का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।