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खूब चला चरखा, अब यूथ से जुड़ेगी खादी

Sun, 22 Jan 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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 देश में खादी से जुड़े राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को लेकर पिछले दिनों जमकर सियासी दंगल मचा। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के बयान ने इस विवाद को देशभर में हवा दी और फिर इस बात की जमकर आलोचना शुरू होते ही बयान वापस ले लिया। उनका कहना था कि जब से गांधी खादी से जुड़े तभी से खादी डूबती चली गई।
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लेकिन यहां हरियाणा में ही यदि खादी और खादी उद्योग की स्थिति पर नजर डाली जाए, तो खादी के प्रति सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हरियाणा में बापू की पहल और पिछले करीबन ढाई साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रांडिंग ने हरियाणा खादी ग्राम उद्योग में जान फूंक दी है। मोदी ने खादी की ब्रांडिंग कुछ इस तरह से की, कि गांधी जी ने खादी विस्तार और घर-घर खादी के सपने को न केवल बल मिला, बल्कि सपने ने साकार होने का सफर भी अपेक्षाकृत तेज कर दिया। इसी बात को लेकर यहां हरियाणा में खादी ग्रामोद्योग से जुड़े अफसर, कर्मचारी और संस्थाओं के संचालक बेहद उत्साहित हैं।


अब चप्पा-चप्पा चलने लगा चरखा
-हरियाणा में वैसे तो ग्रामोद्योग ने लगातार खादी को बढ़ावा देने का प्रयास किया, लेकिन पीएम की ब्रांडिंग से अब चप्पा-चप्पा चरखा खूब चलने लगा है
-पिछले दो साल में देश में खादी की खुदरा बिक्री औसतन 34 फीसद बढ़ी, हरियाणा में भी खुदरा बिक्री में करीबन 25 फीसद इजाफा हुआ
-हरियाणा में खादी बुनकरों की संख्या करीबन 30 हजार थी, जो अब 34 हजार पहुंच चुकी है, जबकि 1000 से ज्यादा कतिनकारों की संख्या में वृद्धि हुई
-हरियाणा में पहले 96 खादी संस्थाएं थी, लेकिन अब इनकी संख्या 109 हो गई है
- हरियाणा में खादी का उत्पादन करीबन 99 करोड़ से बढ़कर 110 करोड़ से ज्यादा हो चुका है
- हरियाणा में खुदरा बिक्री हेतु 13 नए खादी भंडार खोले गए हैं, जिसके बाद कुल संख्या अब 200 पार पहुंच गई है।



युवाओं को जोड़ने की प्लानिंग 
हरियाणा खादी ग्रामोद्योग अब युवाओं को खादी से जोड़ने की कवायद शुरू कर रहा है। इसलिए प्लानिंग की जा रही है, जबकि कई मसलों पर काम भी शुरू कर दिया गया है। युवाओं को खादी वस्त्रों में नए डिजाइन क्या चाहिए, नया लुक क्या चाहिए, नया ब्रांड, नया टेक्चर, नया फैशन क्या चाहिए? इस तरह के बिंदुओं पर विचार और काम शुरू कर दिया गया है। ताकि खादी वस्त्र यूथ की पंसद के मुताबिक ही तैयार किए जाएं। इसलिए अब यूथ को पूरी तरह से खादी से जोड़ने की कवायद तेज कर दी गई है।
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...खादी का रुमाल तो जरूर खरीदो
पीएम ने खादी को लेकर अपनी मन की बात जो देश के नाम कही थी। खादी ग्रामोद्योग ने उसी संदेश को अपने हर खादी भंडार में बड़े फ्लैक्स में चस्पा कर दिया है, ताकि लोग पीएम के संदेश से प्रभावित होकर खादी की ओर मुड़े। इस संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों खासकर युवाओं से आह्वान किया था कि '...आपके परिवार में अनेक वस्त्र होंगे, अनेक फैब्रिक्स होंगे, नामी कंपनियों के प्रोडक्ट होंगे, उसमें एक खादी का नहीं हो सकता क्या... मैं आपको खादीधारी बनने के लिए नहीं कह रहा हूं, मैं तो इतना कह रहा हूं कि कम से कम एक चीज आपके घर में भले ही वो रुमाल, नहाने का तौलिया, बेडशीट, तकिए का कवर, पर्दा या कुछ और क्यों न हो, वो खादी का नहीं हो सकता क्या... मैं यह इसलिए कह रहा हूं कि यदि आप एक खादी वस्त्र खरीदते हैं तो खादी बनाने वाले एक गरीब के घर में दिवाली का दीया जलता है...आप इसे एकबार करिए, आप देखिएगा इसका फायदा गरीब को तो होगा, साथ ही आपका भी खादी से जुड़ाव हो जाएगा...।'


खादी विस्तार हमेशा गांधी का सपना रहा है और इस सपने को साकार करने का बीड़ा आज पीएम मोदी उठाए हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। खादी की खुदरा बिक्री और उत्पादन बढ़ने लगा है। हरियाणा में खादी तरक्की की ओर अग्रसर है और ये सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है।
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-वीके नागर, डायरेक्टर, हरियाणा खादी ग्रामोद्योग
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