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Ambala News: ठगी के आरोपी की याचिका खारिज

Sat, 29 Aug 2026 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला सिटी। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के ग्राहकों को झांसे में लेकर पीएनबी-वन फर्जी ऐप के जरिए लाखों रुपये की चपत लगाने वाले एक हाई-प्रोफाइल साइबर गिरोह के मुख्य आरोपी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी आरोपी सनी की दूसरी नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
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अदालत ने फैसले में कहा कि यह मामला बेहद सुनियोजित, संगठित और अंतरराज्यीय स्तर पर फैले साइबर अपराध का है। आरोपी इसमें मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका में रहा है, इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
मामला 21 जनवरी 2026 का है, जब साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक की नेट बैंकिंग संचालित करने से संबंधित एक विज्ञापन दिखा था। उसमें दिए गए लिंक से उसने पीएनबी-वन एप डाउनलोड किया, लेकिन वह चला नहीं।
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इसके बाद शिकायतकर्ता के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें एक डॉट एपीके फाइल भेजी गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने उस फाइल को डाउनलोड किया, उसके बैंक खाते से बिना उसकी सहमति के 7,95,000 रुपये निकल गए।
ईमेल और सिम अदला-बदली से पकड़ा गया झूठ : आरोपी के वकील ने तर्क दिया था कि सनी आईटीआई का छात्र है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसने केवल कुछ दिनों के लिए अपने दोस्त हर्ष से फोन बदला था और उसे ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, सरकारी वकील ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पहली जमानत याचिका 15 मई 2026 को खारिज हो चुकी है और तब से परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि हर्ष की ईमेल आईडी में सनी का मोबाइल नंबर पंजीकृत था और सनी की ईमेल आईडी में हर्ष के नाम का पंजीकृत सिम इस्तेमाल हो रहा था। इतना ही नहीं, दोनों के सिम कार्ड एक ही मोबाइल आईएमइआई नंबर में इस्तेमाल हुए थे। अदालत ने माना कि आरोपी खुद को इस लेन-देन से अनजान नहीं बता सकता। संवाद
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