अंबाला। लहलहाती फसल को रौंद देने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर तोपखाना परेड के निवासी लामबंद हो गए हैं। उन्हाेंने टैंट लगाकर जनआंदोलन शुरु कर दिया है। खेती बचाने के लिए धरना दे रहे लोगों का कहना है कि एक ही झटके में कैंटोनमेंट बोर्ड ने तोपखाना परेड के 800 लोगों को बेरोजगार कर दिया है।
जब से फसल को नष्ट किया है, उनके घरों में चूल्हा नहीं जला है। कुछ बड़े-बुजुर्ग तो इस कार्रवाई से इतने सदमे हैं कि वो बीमार हो गए हैं। वहीं युवाओं में भी काफी रोष नजर आ रहा है।
21 एकड़ जमीन को बचाने के लिए तोपखाना परेड के निवासी अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं ताकि 182 वर्ष पहले इस जमीन पर काबिज हुए लोगों को न्याय मिल सके। उधर जमीन बचाने के लिए लोग रविवार को धरने पर बैठे रहे और बरसात के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा। कोर्ट जाने के लिए तोपखाना परेड में स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधिमंडल भी बनाया गया है जोकि सीएम से गुहार तो लगाएगा, साथ ही कानूनी विशेषज्ञों से भी सलाह लेगा।
दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड ने 21 एकड़ भूमि पर तारबंदी करने के लिए पुलिस से मदद मांगी है ताकि वो सुरक्षित तरीके से अपना कार्य पूरा करके जमीन को कब्जे में ले सकें।