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एनडीसी प्रमाण पत्र जारी होने में आ रही दिक्कतों पर जताई लोगों ने आपत्ति

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People objected to the problems being faced in issuance of NDC certificate - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) लेना शहरवासियों के लिए किसी जंग को जीतने से कम नहीं है। जनता रोजाना नगर निगम में धक्के खा रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। कभी सर्वर नहीं चलने, कभी तकनीकी खराबी तो कभी डाटा हैक होने की बात कर एनडीसी देने से इनकार कर दिया जाता है। कुछ तो ऐसे लोग हैं जोकि पिछले करीब 6 माह से एनडीसी मिलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आज तक उन्हें एनडीसी नहीं मिल सकी।
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बता दें कि नगर निगम ने एनडीसी पोर्टल शुरू करवाने से पहले एक एजेंसी से सर्वे करवाया था। इस सर्वे में बहुत सी कॉलोनी और कॉलोनियों में खसरा नंबर को शामिल नहीं किया गया। इसी कारण हजारों लोगों की प्रॉपर्टी पोर्टल पर नजर नहीं आ रही, जिनकी नजर आती है उनका प्लाट का साइज गलत है। जिनका प्लाट का साइज ठीक है उनका टैक्स और बकाया गलत दिखाया हुआ है। इस तरह पब्लिक रोजाना धक्के खाकर यहां आती है और बैरंग लौट जाती है। इन सभी मुद्दों को लेकर गत सप्ताह कांग्रेसियों ने नारेबाजी कर विरोध जताया था वहीं अब हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने निगम अधिकारियों और सरकार को आड़े हाथ लेकर जमकर नारेबाजी की।
गुस्साए कार्यकर्ता बारिश के बावजूद निगम कार्यालय पहुंचे और ईओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से चित्रा सरवारा ने बताया कि नगर निगम द्वारा जिस तरीके से लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल रहा है वह तरीका बिल्कुल तानाशाही भरा है। नगर निगम द्वारा 2006 से 2021 तक का प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा वसूला जा रहा है। आज जबकि कोरोना महामारी व महंगाई से सभी कामकाज ठप होने की कगार पर हैं और नगर निगम लोगों से जबरन कई सालों का टैक्स वसूल कर रही है। इस मौके पर हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की नेता चित्रा सरवारा, अमीशा चावला, गुलजार सिंह, रोहित शर्मा, बलजिंद्र कंबोज, प्रदीप वर्मा, रोबिन खोड़ा, मोनू शर्मा, बब्ली, भूपिंद्र सिंह, नवीन शर्मा, रजिंद्र सिंह बिट्टू, परमिंद्र बंटी व अन्य मौजूद रहे।
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कई सरकारी दफ्तरों का अटका है प्रॉपर्टी टैक्स
इस दौरान उन्होंने जबकि बिजली निगम, वन विभाग, रेवन्यू विभाग, कई बैंक परिसर और बड़े अधिकारियों के परिसरों का करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स रुका पड़ा है। लोगों से पहले सभी सरकारी दफ्तरों और निगमों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जाना चाहिए। साथ ही नगर निगम में एनडीसी के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। जिन कॉलोनियों की पहले रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं और 35 से 40 प्रतिशत मकान बन चुके हैं और मकानों पर नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी आईडी लगाई गई है और इसी प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर नगर निगम लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स भी ले रही है। लेकिन खसरा न होने का बहाना बनाते हुए एनडीसी जारी नहीं की जा रही है। जिस कारण लोग रजिस्ट्री करवाने के लिए धक्के खा रहे हैं।
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