बराड़ा। पिछले दिनों ओलावृष्टि और बारिश के कारण हुई ठंड, तेज हवाओं और अब होने लगी गर्मी के कारण मौसम लगातार बदल रहा है। इसका असर सीधा लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंडक के कारण लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है।
तापमान में अचानक बदलाव के चलते खांसी-जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बराड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। क्षेत्र के निजी क्लीनिक्स में भीड़ बढ़ गई है। पहले जहां रोजाना करीब दो हजार मरीज उपचार के लिए आते थे, अब यह संख्या ढाई हजार तक पहुंच गई है।
सीएचसी में भी ओपीडी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एएसएमओ डॉ बीरबल सिंह ने कहा कि जल्द ही अस्पतालों में जरूरी दवाओं का स्टॉक बढ़ाया जाएगा और गर्मी से जुड़ी बीमारियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए स्कूलों और कार्यस्थलों पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। आयुष विभाग की तरफ से भी मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं। इसके अलावा गांवों में भी कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा और दवाइयां दी जाएंगी।
तापमान में बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों में खांसी, बुखार, बदन दर्द और नाक बहने की शिकायत आम हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस बदलते मौसम में ज्यादा पानी पीने, हल्का व संतुलित भोजन करने और ठंडी-गर्म चीजों के सेवन से बचने की जरूरत है। अगर लक्षण बढ़ते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉ तरुण प्रसाद, एसएमओ बराड़ा।