अंबाला। भारत-पाकिस्तान से बीच संघर्ष विराम के बाद भले ही हालात सामान्य हो गए है। बावजूद इसके हाईअलर्ट के चलते लगी रोक के कारण नागरिक अस्पतालों की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों चंडीगढ़ पीजीआई व जीएमसीएच सेक्टर-32 रेफर नहीं किया जा रहा है।
ऐसे मरीजों को रेफर करने के बाद मुलाना एमएम व एमएम सद्दोपुर में भेजा जा रहा है। मजबूरन लोग इन अस्पतालों में महंगे दामों में उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं। दरअसल, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी व कैंट से रोजाना औसतन करीब 10 मरीज रेफर होते हैं।
केस एक :
अंबाला कैंट के निर्मल विहार निवासी संजीव त्रेहन से 11 मई की रात को लूटपाट हो गई थी। चाकू लगने पर गंभीर हालत में अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल से चंडीगढ़ रेफर किया था। विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक एमएमयू मुलाना अस्पताल में उपचार करवाना पड़ा।
दूसरा मामला :
बब्याल निवासी सोनिया ने बताया कि हादसे में बेटे के पैर की अंगुली टूटने के बाद पैर खून से लथपथ हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया था। सरकारी एंबुलेंस पीजीआई न जाकर एमएम सद्दोपुर छोड़ आई। वहां भारी बिल चुकाना पड़ा।
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तीसरा मामला:
राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-चंडीगढ़ पर अनियंत्रित होकर पलटे सवारियों से भरे ऑटो के घायलों को सिटी के नागरिक अस्पताल से एमएम सद्दोपुर रेफर किया गया । वहीं पहले स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ पीजीआई व जीएमसीएच सेक्टर-32 रेफर किया जाता था।
निजी एंबुलेंस को भी पहुंच रहा लाभ
गाइडलाइन से सरकारी एंबुलेंस के रोजाना चंडीगढ़ लगने वाले चक्करों से भी छुटकारा मिल रहा है। वहीं निजी एंबुलेंस चालकों को भी लाभ पहुंच रहा है। चंडीगढ़ पीजीआई न जाने पर मरीज व तीमारदार मजबूरन निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। ऐसे में निजी एंबुलेंस की डिमांड भी बढ़ गई है।
पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच मुख्यालय से गाइडलाइन के मुताबिक मरीजों को चंडीगढ़ पीजीआई व जीएमसीएच सेक्टर-32 रेफर नहीं किया जा रहा है। मरीजों को एमएम मुलाना व एमएम सद्दोपुर में मरीजों को भेजा जा रहा है। नई गाइडलाइन के आते ही दोबारा से मरीज रेफर किए जाएंगे।
- डॉ. राकेश सहल, सिविल सर्जन अंबाला
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में खड़ी सरकारी एंबुलेंस: संवाद- फोटो : punch news